DElEd 2nd Sem Science : Ch-10 : पास पड़ोस मे होने वाले परिवर्तन
अगर आप DElEd 2nd Semester Science की तैयारी कर रहे हैं, तो Chapter 10 : पास-पड़ोस में होने वाले परिवर्तन एक बेहद अहम अध्याय है। इस लेख में इस चैप्टर की पूरी थ्योरी को आसान और स्पष्ट भाषा में क्रमबद्ध तरीके से समझाया गया है, ताकि हर टॉपिक आपको अच्छे से समझ में आए।
साथ ही, 2015 से 2025 तक के महत्वपूर्ण पिछले वर्षों के प्रश्न (PYQ) भी शामिल किए गए हैं, जिनकी मदद से आप परीक्षा के पैटर्न और बार-बार पूछे जाने वाले प्रश्नों को आसानी से समझ सकते हैं।
इस सामग्री को इस तरह तैयार किया गया है कि आप कम समय में ज्यादा से ज्यादा जरूरी टॉपिक्स कवर कर सकें और रिवीजन भी तेजी से कर पाएं। प्रत्येक टॉपिक को उदाहरणों और सरल ट्रिक्स के साथ समझाया गया है, जिससे आपकी तैयारी और भी मजबूत बनती है।
BTC Wale Bhaiya प्लेटफॉर्म पर आपको DElEd से जुड़ी विश्वसनीय और एग्जाम-ओरिएंटेड सामग्री एक ही जगह व्यवस्थित रूप में मिलती है। यहां नोट्स, प्रैक्टिस सेट, पिछले वर्षों के प्रश्नपत्र और जरूरी टिप्स—all in one—उपलब्ध हैं, जो आपकी तैयारी को आसान और स्मार्ट बनाते हैं।
1. तीव्र और मंद परिवर्तन (Fast and Slow Changes)
- तीव्र परिवर्तन: वे परिवर्तन जो बहुत कम समय में संपन्न हो जाते हैं।
- उदाहरण: माचिस की तीली का जलना, गुब्बारे का फूटना, रसोई गैस का जलना।
- मंद परिवर्तन: वे परिवर्तन जिन्हें पूर्ण होने में अधिक समय (दिन, महीने या वर्ष) लगता है।
- उदाहरण: लोहे पर जंग लगना, बच्चे का बढ़ना, दूध से दही का बनना।
2. भौतिक और रासायनिक परिवर्तन
विशेषता
भौतिक परिवर्तन
रासायनिक परिवर्तन
नया पदार्थ
इसमें कोई नया पदार्थ नहीं बनता है।
इसमें पूर्णतः नया पदार्थ बनता है।
प्रकृति
यह एक अस्थायी परिवर्तन है।
यह एक स्थायी परिवर्तन है।
मूल अवस्था
पदार्थ को पुनः मूल अवस्था में लाया जा सकता है।
पदार्थ को पुनः मूल अवस्था में नहीं लाया जा सकता।
उदाहरण
बर्फ का पिघलना, बल्ब का जलना, पानी का वाष्प बनना।
दूध से दही बनना, कागज का जलना, भोजन का पचना।
Note- बल्ब का जलना एक भौतिक परिवर्तन है क्योंकि स्विच बंद करने पर वह वापस अपनी पुरानी स्थिति में आ जाता है।
3. उत्क्रमणीय और अनुत्क्रमणीय परिवर्तन
- उत्क्रमणीय परिवर्तन: वे परिवर्तन जिनमें पदार्थ को उसकी पूर्व अवस्था में वापस लाया जा सकता है। इसमें पदार्थ का रासायनिक संगठन नहीं बदलता। उदाहरण: रबर बैंड को खींचना, मोम का पिघलना, गीले कपड़ों का सूखना।
- अनुत्क्रमणीय परिवर्तन: वे परिवर्तन जिनमें पदार्थ को उसकी पुरानी अवस्था में वापस नहीं लाया जा सकता। इसमें अक्सर नया पदार्थ बन जाता है।उदाहरण: जली हुई अगरबत्ती, दूध से बना पनीर, आटे से बनी रोटी
4. अनुकूल और प्रतिकूल परिवर्तन
कोई भी परिवर्तन परिस्थिति के अनुसार लाभदायक या हानिकारक हो सकता है।
- अनुकूल परिवर्तन: वे परिवर्तन जो हमारे लिए उपयोगी या लाभदायक होते हैं।
- प्रतिकूल परिवर्तन: वे परिवर्तन जो हमारे लिए हानिकारक होते हैं या जिन्हें हम नहीं चाहते।
वर्षा का उदाहरण (महत्वपूर्ण प्रश्न):
- अनुकूल: जब खेतों में फसल को पानी की आवश्यकता हो, तब वर्षा का होना अनुकूल परिवर्तन है।
- प्रतिकूल: यदि पकी हुई फसल काटने का समय हो और तब भारी वर्षा हो जाए, तो वह फसल को नष्ट कर देती है, जो एक प्रतिकूल परिवर्तन है।
5. प्राकृतिक और कृत्रिम परिवर्तन
कोई भी परिवर्तन परिस्थिति के अनुसार लाभदायक या हानिकारक हो सकता है।
- अनुकूल परिवर्तन: वे परिवर्तन जो हमारे लिए उपयोगी या लाभदायक होते हैं।
- प्रतिकूल परिवर्तन: वे परिवर्तन जो हमारे लिए हानिकारक होते हैं या जिन्हें हम नहीं चाहते।
वर्षा का उदाहरण (महत्वपूर्ण प्रश्न):
- अनुकूल: जब खेतों में फसल को पानी की आवश्यकता हो, तब वर्षा का होना अनुकूल परिवर्तन है।
- प्रतिकूल: यदि पकी हुई फसल काटने का समय हो और तब भारी वर्षा हो जाए, तो वह फसल को नष्ट कर देती है, जो एक प्रतिकूल परिवर्तन है।
6. महत्वपूर्ण अतिरिक्त बिंदु
परीक्षा की तैयारी को और मजबूत करने के लिए नीचे दिए गए तथ्यों को ध्यान से समझें:
- निश्चित और अनिश्चित परिवर्तन: कुछ परिवर्तन एक निश्चित समय पर होते हैं (जैसे ऋतु बदलना), इन्हें निश्चित कहते हैं। जबकि कुछ का समय तय नहीं होता (जैसे भूकंप या तूफान), इन्हें अनिश्चित परिवर्तन कहते हैं।
- जटिल परिवर्तन: कुछ परिवर्तन बहुत ही जटिल होते हैं और कई चरणों में पूरे होते हैं, जैसे मनुष्य के शरीर में भोजन का पचना या श्वसन क्रिया।
- नियंत्रित और अनियंत्रित परिवर्तन: जिन परिवर्तनों पर हमारा नियंत्रण होता है (जैसे बिजली के पंखे की गति), वे नियंत्रित हैं। जिन पर हमारा वश नहीं चलता (जैसे बादलों का गरजना), वे अनियंत्रित परिवर्तन कहलाते हैं।
- लोहे पर जंग लगना: यह एक रासायनिक और मंद परिवर्तन है। इसे रोकने के लिए पेंट या ग्रीस लगाया जाता है।
- मोमबत्ती का जलना: यह एक विशेष उदाहरण है। इसमें भौतिक (मोम का पिघलना) और रासायनिक (धागे और मोम का जलकर धुआँ बनना) दोनों परिवर्तन एक साथ होते हैं।
- दूध का फटना: यह एक अनुत्क्रमणीय और रासायनिक परिवर्तन है।
पास पड़ोस मे होने वाले परिवर्तन: PYQ 2015-2025
वस्तुनिष्ठ प्रश्न
प्रश्न 1. निम्नलिखित में से भौतिक परिवर्तन है- 01/2016
(A) दूध से दही का बनना
(B) गन्ना के रस से सिरका का बनना
(C) बल्ब का जलना
(D) कागज का जलना
उत्तर: (C) बल्ब का जलना
अति लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 2. तीव्र परिवर्तन किसे कहते हैं? 07/2016
उत्तर: वे परिवर्तन जो बहुत कम समय में पूर्ण हो जाते हैं, तीव्र परिवर्तन कहलाते हैं। जैसे- माचिस का जलना, गुब्बारे का फूटना।
लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 3. भौतिक परिवर्तन तथा रासायनिक परिवर्तन को परिभाषित कीजिए। 01/2015
या, भौतिक तथा रासायनिक परिवर्तन के अन्तर को उदाहरण सहित समझाइए। 18/2018
उत्तर: भौतिक परिवर्तन: वह परिवर्तन जिसमें पदार्थ के भौतिक गुण (जैसे अवस्था, रंग) बदल जाते हैं लेकिन कोई नया पदार्थ नहीं बनता और मूल पदार्थ को पुनः प्राप्त किया जा सकता है। उदाहरण: बर्फ का पिघलना।
रासायनिक परिवर्तन: वह परिवर्तन जिसमें नया पदार्थ बनता है जिसके गुण मूल पदार्थ से भिन्न होते हैं और इसे आसानी से पलटा नहीं जा सकता। उदाहरण: दूध से दही बनना, लोहे पर जंग लगना।
प्रश्न 4. उदाहरण देते हुए स्पष्ट करें कि एक ही परिवर्तन विभिन्न परिस्थितियों में अनुकूल तथा प्रतिकूल हो सकता है? 14/2016
उत्तर: हाँ, एक ही परिवर्तन परिस्थिति के अनुसार लाभदायक या हानिकारक हो सकता है। उदाहरण: वर्षा का होना।
अनुकूल: फसल के लिए समय पर और उचित मात्रा में वर्षा होना लाभदायक है।
प्रतिकूल: यदि फसल पक कर तैयार हो, तो वही वर्षा फसल को नष्ट कर देती है, जो हानिकारक है।
दूसरा उदाहरण: जीवाणु द्वारा अपघटन (सफाई के लिए अच्छा) लेकिन भोजन का सड़ना (हानिकारक)।
प्रश्न 5. भौतिक तथा रासायनिक परिवर्तन में क्या अन्तर है? 12/2020, 13/2025
उत्तर: भौतिक परिवर्तन: वह परिवर्तन जिसमें पदार्थ के भौतिक गुण (जैसे अवस्था, रंग) बदल जाते हैं लेकिन कोई नया पदार्थ नहीं बनता और मूल पदार्थ को पुनः प्राप्त किया जा सकता है। उदाहरण: बर्फ का पिघलना।
रासायनिक परिवर्तन: वह परिवर्तन जिसमें नया पदार्थ बनता है जिसके गुण मूल पदार्थ से भिन्न होते हैं और इसे आसानी से पलटा नहीं जा सकता। उदाहरण: दूध से दही बनना, लोहे पर जंग लगना।
प्रश्न 6. उत्क्रमणीय तथा अनुत्क्रमणीय परिवर्तन को उदाहरण सहित समझाइए। 14/2022
उत्तर: उत्क्रमणीय परिवर्तन (Reversible Change): वे परिवर्तन जिन्हें मूल अवस्था में वापस लाया जा सकता है, उत्क्रमणीय परिवर्तन कहलाते हैं। इसमें पदार्थ का रासायनिक संघटन नहीं बदलता। उदाहरण: बर्फ का पिघलना (पानी को फिर से ठंडा करके बर्फ बनाया जा सकता है)।
अनुत्क्रमणीय परिवर्तन (Irreversible Change): वे परिवर्तन जिन्हें मूल अवस्था में वापस नहीं लाया जा सकता या जिनसे नया पदार्थ बन जाता है, अनुत्क्रमणीय परिवर्तन कहलाते हैं। उदाहरण: कागज का जलना (जली हुई राख को वापस कागज में नहीं बदला जा सकता)।
2nd Semester Science Notes
किसी भी Chapter का नोट्स पढ़ने के लिए यहाँ Click करें-
- पृथ्वी और आकाश
- मृदा तथा फसलें
- कार्य एवं ऊर्जा
- सरल मशीनें
- जीवों की संरचना
- जीवन की क्रियाएं
- मानव शरीर के अंग एवं कार्य
- भोजन, स्वास्थ्य एवं रोग
- तत्वों का वर्गीकरण
- पास-पड़ोस में होने वाले परिवर्तन
- अम्ल, क्षारक तथा लवण
- पर्यावरण प्रदूषण




