UP D.El.Ed 2nd Semester : वर्तमान भारतीय समाज एवं प्रारम्भिक शिक्षा

UP D.El.Ed 2nd Semester वर्तमान भारतीय समाज एवं प्रारंभिक शिक्षा : यह यूपी डीएलएड (Diploma In Elementary Education) का एक महत्वपूर्ण विषय है। द्वितीय सेमेस्टर का यह प्रथम  प्रश्न पत्र है। इस पेज पर आपको इस विषय के पिछले 10 वर्षों के Previous Year Question Paper, Solved Papers और परीक्षा उपयोगी अन्य महत्वपूर्ण नोट्स मिल जाएंगे। 

वर्तमान भारतीय समाज एवं प्रारंभिक शिक्षा ” का पेपर कुल 25 अंक का होता है और परीक्षा की समयावधि 2 घंटे  होती है। परीक्षा में सफल होने के लिए आपको कम से कम 25 अंक प्राप्त करना अनिवार्य होता है। इस प्रश्नपत्र में कुल 40 प्रश्न पूछे जाते हैं। जिसमें 15 प्रश्न बहुविकल्पीय (प्रत्येक 1 नंबर का), 15 प्रश्न अति लघु उत्तरीय (प्रत्येक 1 नंबर का) तथा अंतिम 10 प्रश्न लघु उत्तरीय (प्रत्येक 2 नंबर का) प्रकार के होते हैं।

अतिलघु उत्तरीय प्रश्नों को लगभग 30 शब्दों में जबकि लघु उत्तरीय प्रश्नों को लगभग 50 शब्दों में लिखना होता है। सभी उत्तर सही और सटीक लिखना होता है, सिर्फ कॉपी भरने से नंबर नहीं मिलते हैं। अत: यह आवश्यक है विषय की तैयारी सही से की जाए।

विषय की मुख्य जानकारी

विवरण जानकारी
सेमेस्टर द्वितीय सेमेस्टर
प्रश्न पत्र प्रथम पेपर
विषय वर्तमान भारतीय समाज एवं प्रारंभिक शिक्षा
कुल अंक 50
पास होने के लिए न्यूनतम अंक 25
परीक्षा का समय 2 घंटा
कुल प्रश्न 40

पाठ्यक्रम (SYLLABUS)

खण्ड : प्रारम्भिक शिक्षा

·   शिक्षा की संकल्पना, अर्थ (प्राचीन तथा अर्वाचीन) एवं महत्व

·   शिक्षा के उद्देश्य एवं वर्तमान भारत में शिक्षा के उद्देश्यों को प्रभावित करने वाले कारक

·   शिक्षा के प्रकारऔपचारिक शिक्षा, अनौपचारिक शिक्षा, दूरस्थ शिक्षा

·   प्रारम्भिक शिक्षा की पृष्ठभूमि

o प्राचीन काल (गुरुकुल एवं बौद्धकालीन शिक्षा)

o मध्यकालीन शिक्षा (मुगलकालीन शिक्षा)

o आधुनिक शिक्षा (स्वतंत्रता के पूर्व एवं पश्चात)

·   प्रमुख शैक्षिक विचारधाराएँ एवं विचारक

o आदर्शवाद

o प्रकृतिवाद

o प्रयोगवाद

o भारतीय विचारक विवेकानन्द, रवीन्द्रनाथ टैगोर, महात्मा गाँधी, डॉ. राधाकृष्णन, गिजुभाई बधेका

o पाश्चात्य विचारक (प्लेटो, रूसो, जॉन ड्यूवी, फ्रेबेल, मारिया माँटेसरी)

o खण्ड : शिक्षा और समाज

·   शिक्षा और समाज का अन्तःसम्बन्ध

·   शिक्षा के प्रभावी कारकपरिवार, समाज, विद्यालय, राज्य एवं जनसंचार साधन।

·   शिक्षा और सामाजिक परिवर्तनसामाजिक परिवर्तन के कारक।

·   विद्यालय और समुदाय का सम्बन्धविद्यालय : सामुदायिक केन्द्र के रूप में।

·   उभरते समाज के प्रमुख मुद्दे

o शिक्षा का सार्वभौमीकरण एवं शैक्षिक अवसरों की समानता।

o शिक्षा का व्यावसायीकरण एवं इस पर नियंत्रण।

o बचपन छीनता बालश्रमनिःशुल्क अनिवार्य बाल शिक्षा में बाधक।

o जनसंख्या शिक्षाअर्थ, आवश्यकता, महत्व एवं समग्ररूप मानव संसाधन का विकास।

o जातिवाद, अलगाववाद, साम्प्रदायिकता एवं इसके दुष्परिणाम, सामाजिक/ पारस्परिक सौहार्द समरसता वर्तमान आवश्यकता।

o पर्यावरण प्रदूषण एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता।

o जलसंरक्षणऊर्जा एवं भूमि संरक्षण।

o भूमण्डलीय ताप वृद्धि (ग्लोबल वार्मिंग) एवं जलवायु परिवर्तन।

o भूमण्डलीकरण।

o लैंगिक असमानता तथा उसका प्रभाव, शिक्षा द्वारा लैंगिक समानता के प्रति समझ संवेदनशीलता का विकास।

o जनसंचार माध्यमों की बढ़ती भूमिका और समाज पर इनका बहुआयामी प्रभाव।

·   शिक्षा एवं मानवीय मूल्य

o मानवीय मूल्यों की शिक्षाअर्थ एवं उद्देश्य।

o मूल्यों के विकास में परिवार, समाज और विद्यालय की भूमिका।

o राष्ट्रीय और अन्तरराष्ट्रीय सद्भावना की शिक्षा।

o लोकतान्त्रिक, वैज्ञानिक एवं तकनीकी दृष्टिकोण का विकास।

Privious Year Question Papers

वर्तमान भारतीय समाज एवं प्रारम्भिक शिक्षा पेपर 2015

वर्तमान भारतीय समाज एवं प्रारम्भिक शिक्षा पेपर 2016

वर्तमान भारतीय समाज एवं प्रारम्भिक शिक्षा पेपर 2016 (ii)

वर्तमान भारतीय समाज एवं प्रारम्भिक शिक्षा पेपर 2017

वर्तमान भारतीय समाज एवं प्रारम्भिक शिक्षा पेपर 2018

वर्तमान भारतीय समाज एवं प्रारम्भिक शिक्षा पेपर 2019

वर्तमान भारतीय समाज एवं प्रारम्भिक शिक्षा पेपर 2020

वर्तमान भारतीय समाज एवं प्रारम्भिक शिक्षा पेपर 2022

वर्तमान भारतीय समाज एवं प्रारम्भिक शिक्षा पेपर 2023

वर्तमान भारतीय समाज एवं प्रारम्भिक शिक्षा पेपर 2025

Most Important Questions

  • वर्ष 2015-2025 तक के सभी बहुविकल्पीय प्रश्न
  • वर्ष 2015-2025 तक के सभी अति लघु उत्तरीय प्रश्न
  • वर्ष 2015-2025 तक के सभी लघु उत्तरीय प्रश्न
Scroll to Top