UP D.El.Ed 4th Semester Syllabus Pdf Download

UP D.El.Ed 4th Semester Syllabus : यदि आप D.El.Ed कोर्स कर रहे हैं, तो चौथा सेमेस्टर आपकी शिक्षा यात्रा का एक निर्णायक चरण होता है। इस स्टेज पर आपको पता चलता है कि बच्चे कैसे सीखते हैं, उनकी सीखने की प्रक्रिया को कैसे समझा जाए और उन्हें प्रभावी ढंग से पढ़ाने के लिए कौन-कौन से कौशल जरूरी हैं। इसलिए D.El.Ed 4th Semester Syllabus को अच्छे से जानना बेहद महत्वपूर्ण है।

D.El.Ed (Diploma in Elementary Education) के चौथे सेमेस्टर में प्रशिक्षुओं को शिक्षक बनने के लिए जरूरी गहन ज्ञान दिया जाता है। इसमें मुख्य रूप से बाल विकास (Child Development), सीखने की प्रक्रिया (Learning Process), और आधुनिक शिक्षण तकनीकें (Teaching Methods) शामिल होती हैं। इस चरण का उद्देश्य यह है कि प्रशिक्षु न केवल सैद्धांतिक ज्ञान प्राप्त करें, बल्कि व्यवहार में भी उसे लागू कर सकें।

इस लेख में हम D.El.Ed 4th Semester के सिलेबस को सरल और स्पष्ट भाषा में समझाएंगे, ताकि आपकी तैयारी और मजबूत और प्रभावी बने।

📚 D.El.Ed 4th Semester Subjects List

  1. प्रारम्भिक स्तर पर भाषा एवं गणित के पठनलेखन तथा संख्यापूर्व सम्बोधों/क्षमताओं का विकास
  2. शैक्षिक प्रबन्धन एवं प्रशासन
  3. विज्ञान
  4. गणित
  5. सामाजिक अध्ययन
  6. हिंदी
  7. अंग्रेजी
  8. शांति शिक्षा एवं सतत् विकास

📚 D.El.Ed 4th Semester Marksheet

UP D.El.Ed 4th Semester Syllabus

D.El.Ed 4th Semester Syllabus Pdf

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1. आरम्भिक स्तर पर भाषा एवं गणित के पठन-लेखन तथा संख्यापूर्व सम्बोधों/क्षमताओं का विकास

पठन एवं लेखन का अर्थ एवं महत्व

उद्देश्य

उपयोगिता

वर्ण, शब्द, वाक्य

ध्वनि का अध्ययन।

स्वरों, व्यंजनों तथा व्यंजन समूहों को सुनकर समझना।

दिये गये निर्देश, सन्देश, सुनाये गये वर्णन, कविता, कहानियाँ, लोकगीतों आदि में निहित भावों तथा विचारों को सुनकर समझना।

हिन्दी/अंग्रेजी की सभी ध्वनियों, स्वरों, व्यंजनों का शुद्ध उच्चारण।

लिपि की सभी ध्वनियों के लिए संकेतों को पहचानकर शुद्ध रूप में पढ़ना।

पूर्णविराम, अर्द्धविराम, प्रश्नवाचक तथा विस्मयादिबोधक चिह्नों को पहचानते हुए एवं विषयवस्तु को अर्थ ग्रहण करते हुए पढ़ना।

विलोम, समानार्थी, तुकान्त, अकारान्त तथा समान ध्वनियों वाले शब्दों को पहचानना एवं पढ़ना।

लिपि संकेतों, स्वर, व्यंजन, मात्राएँ, संयुक्त वर्णों को सुडौल तथा आकर्षक रूप में लिखना।

अनुनासिक ध्वनियों के लिए संकेतों को शुद्धता के साथ लिखना।

संख्यापूर्व तैयारी एवं समझ।

1 से 9 तक की संख्याओं को वस्तुओं की सहायता से गिनना, पढ़ना, लिखना।

संख्याओं को क्रमबद्ध करना।

गणितीय संक्रियाएँजोड़ना, घटाना एवं शून्य का ज्ञान।

इकाई, दहाई तथा सैकड़े का ज्ञान।

2. शैक्षिक प्रबन्धन एवं प्रशासन

() शैक्षिक प्रबन्धन एवं प्रशासन

संस्थागत नियोजन एवं प्रबन्धन का अर्थ, आवश्यकता एवं महत्व।

विद्यालय प्रबन्धन का अर्थ, आवश्यकता एवं महत्व।

विद्यालय प्रबन्धन के क्षेत्र।

भौतिक संसाधनों का प्रबन्धन (विद्यालय भवन, फर्नीचर, शैक्षिक उपकरण,
साजसज्जा, पेयजल, शौचालय)

मानवीय संसाधनों का प्रबन्धन
शिक्षक,
बच्चे,
समुदाय (ग्राम शिक्षा समिति, विद्यालय प्रबन्ध समिति, शिक्षकअभिभावक संघ, मातृशिक्षक संघ, महिला प्रेरक दल)

वित्तीय प्रबन्धन (विद्यालय अनुदान, टी. एल. एम. ग्रान्ट, विद्यालय को समुदाय से प्राप्त धन, विद्यालय की सम्पत्ति से अर्जित धन, ग्राम पंचायत निधि से/जनप्रतिनिधियों से प्राप्त अनुदान)

शैक्षिक प्रबन्धन (कक्षाकक्ष प्रबन्धन, शिक्षण अधिगम सामग्री प्रबन्धन, लर्निंग कार्नर एवं पुस्तकालय प्रबन्धन, पाठ्यपुस्तकें, कार्यपुस्तिकाएँ, शिक्षक संदर्शिकाएँ, शब्दकोश का प्रयोग एवं प्रबन्धन)

समय प्रबन्धन (समयसारणी का निर्माण प्रयोग)
एक या दो अध्यापकों वाले विद्यालयों हेतु समयसारणी,
तीन या चार अध्यापकों वाले विद्यालयों हेतु समयसारणी,
पाँच अध्यापकों वाले विद्यालयों हेतु समयसारणी।

पाठ्यसहगामी क्रियाकलापों का प्रबन्धन खेलकूद, शैक्षिक कार्यक्रम (वादविवाद, निबन्ध आदि), सांस्कृतिक कार्यक्रम, राष्ट्रीय पर्व, शैक्षिक भ्रमण, बागवानी, सत्रांत समारोह)

सूचनाओं एवं अभिलेखों का प्रबन्धन (विद्यालयीय सूचनाओं का संकलन, विश्लेषण एवं अभिलेखीकरण)

 

विद्यालय अभिलेख के प्रकार

★ विद्यालय अभिलेख के प्रकार –

अध्यापक उपस्थिति पंजीका छात्र उपस्थिति पंजीका पत्र-व्यवहार पंजीका एस. एम. सी. पंजीका
एस.एस.सी. आय-व्यय पंजीका ग्राम शिक्षा निधि (आय-व्यय) पंजीका ग्राम शिक्षा समिति बैठक पंजीका मातृ शिक्षक संघ पंजीका
अभिभावक-शिक्षक संघ पंजीका शिक्षण अधिगम सामग्री पंजीका स्टॉक पंजीका, निःशुल्क पुस्तक वितरण पंजीका निःशुल्क गणवेश वितरण पंजीका
बाल गणना/ परिवार सर्वेक्षण पंजीका बालकों के जन्मतिथि की पंजीका स्वास्थ्य परीक्षण पंजीका छात्रवृत्ति वितरण पंजीका
अनुसरण/निरीक्षण पंजीका, शिक्षक डायरी, वृद्धि-लेख पंजीका एम.डी.एम. कुकिंग कॉस्ट एवं व्यय पंजीका कार्यालय रख-रखाव पंजीका टेंडर प्रक्रिया सम्बन्धी पंजीका
आवागमन पंजीका आदेश पंजीका एम.डी.एम. वितरण पंजीका

आपदा प्रबन्धन।

प्रभावपूर्ण विद्यालय प्रबन्धन के सिद्धान्त प्रजातांत्रिक प्रबन्ध, आंकड़ों का वैज्ञानिक संकलन, लक्ष्य निर्धारण तथा योजना, आवधिक निरीक्षण, तुलनात्मक आदि।

विद्यालय प्रबन्धन में विभिन्न अभिकरणों की भूमिका
प्रधानाध्यापक, शिक्षक एवं बच्चों (बाल सरकार) की भूमिका।
समुदाय, अभिभावक (ग्राम शिक्षा समिति, शिक्षकअभिभावक संघ, मातृ शिक्षक संघ, मीना मंच) की भूमिका।
पर्यवेक्षण तंत्र की भूमिका ब्लॉक संसाधन केन्द्र के समन्वयक, न्याय पंचायत संसाधन केन्द्र के प्रभारी, खण्ड शिक्षा अधिकारी, डायट मेंटर, जिला समन्वयक, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी एवं उच्च अधिकारियों की भूमिका।

() प्राथमिक शिक्षा के विकास में संलग्न विभिन्न अभिकरण एवं उनकी भूमिका

(1) राष्ट्रीय स्तर पर कार्य करने वाले अभिकरण
उदाहरण
राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (NCERT),
राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE)

राष्ट्रीय शैक्षिक प्रबन्धन एवं प्रशासन विश्वविद्यालय (NUEPA),
इन्दिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (IGNOU),
राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान (NIOS)

(II) राज्य स्तर पर कार्य करने वाले अभिकरण
उदाहरण
राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद,
राज्य हिन्दी संस्थान,
मनोविज्ञानशाला,
परीक्षा नियामक प्राधिकारी आदि।

(III) जिला स्तर पर कार्य करने वाले अभिकरण
उदाहरण
जिला शिक्षा और प्रशिक्षण संस्थान,
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी आदि।

(IV) स्थानीय स्तर पर कार्य करने वाले अभिकरण
उदाहरण
खण्ड शिक्षा अधिकारी,
एन.पी.आर.सी.

() प्राथमिक शिक्षा का आधारभूत ढाँचा
उदाहरण

बेसिक शिक्षा परिषद का गठन एवं कार्य,
बेसिक शिक्षा अधिनियम, 1972,
बेसिक अध्यापक शिक्षा सेवा नियमावली,
टी..टी. नियमावली,
सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के सामान्य नियम प्रावधान तथा विद्यालय स्तर पर दी जाने वाली सूचनाओं की जानकारी।

3. विज्ञान (SCIENCE)

जैव विकास, पारिस्थितिकी तन्त्र उसके घटक (जैविक अजैविक घटक), जैविक घटकों में खाद्यश्रृंखला, खाद्य जाल, पारिस्थितिकी पिरामिड।

खनिज एवं धातु अयस्क, धातु का निष्कर्षण, धातु तथा अधातु में अन्तर।

आवर्त सारणी की सामान्य जानकारी विद्युतऋणात्मकता।

स्थिर विद्युत आवेश प्रकार, आवेश के सुचालक कुचालक।

विद्युत धारा इसके उपयोग।

चुम्बकत्व चुम्बक के गुण, उपयोग, पृथ्वी का चुम्बकीय व्यवहार, विद्युत चुम्बक।

रक्त की संरचना, रक्त वर्ग, रक्त बैंक, रक्त के आदानप्रदान में सावधानियाँ।

रक्त पीड़ित सामान्य रोगों की जानकारियाँ।

एड्स हेपेटाइटिसबी की सामान्य जानकारी, कारण, लक्षण बचाव के उपायों से अवगत कराना।

सुरक्षा एवं प्राथमिक उपचार।

4. गणित (MATHEMATICS)

करणी, करणीय राशि, करणी चिन्ह तथा करणी का युक्तांक।

वर्ग, वर्गमूल, घन, घनमूल की अवधारणा।

किसी संख्या का वर्गमूल तथा दशमलव संख्या का वर्गमूल ज्ञात करना।

पूर्ण घन संख्याओं तथा पूर्ण घन दशमलव संख्याओं का घनमूल।

किसी सिक्के के उछालने पर चित या पट के ऊपर पड़ने की सम्भावना का सम्बन्ध।

किसी पासे को उछालने पर किसी एक फलन के ऊपर आने की सम्भावना।

दो या तीन सिक्कों को एक साथ फेंकने का प्रयोग।

दो पासों को एक साथ फेंकने का प्रयोग।

सम्भावनाओं का दैनिक जीवन से सम्बन्ध।

अवर्गीकृत आँकड़ों की माध्यिका एवं बहुलक की गणना।

त्रिकोणमितीय अनुपातों की अवधारणा तथा 0°, 30°, 45°, 60° तथा 90° के कोणों के त्रिकोणमितीय अनुपात ज्ञात करना।

लम्बवृत्तीय बेलन तथा लम्बवृत्तीय शंकु की अवधारणा तथा इनका आयतन एवं सम्पूर्ण पृष्ठ।

वर्ग समीकरण, x² = k के रूप वाले समीकरण का हल ax² + bx + c = 0 का हल (गुणनखण्ड विधि से)

दो अज्ञात राशि वाले रेखीय समीकरण (युगपत समीकरण)

समलम्ब का क्षेत्रफल।

वृत्त की परिधि एवं व्यास में सम्बन्ध।

वृत्त का क्षेत्रफल।

चतुर्भुज का अर्थ, इसके विकर्ण, संलग्न भुजाएँ, सम्मुख भुजाएँ, सम्मुख तथा बाह्य कोणों का बोध।

चतुर्भुज के प्रकारवर्ग, आयत, समचतुर्भुज, समलम्ब चतुर्भुज एवं समलम्ब। इनके गुणों का प्रारम्भिक स्वरूप।

चक्रीय चतुर्भुज तथा चक्रीय बिंदु की अवधारणा।

5. सामाजिक अध्ययन (Social Studies)

1857 का प्रथम स्वतंत्रता संग्राम तथा स्वतंत्रता प्राप्ति हेतु प्रयास।

धार्मिक तथा समाज सुधार आन्दोलनब्रह्म समाज, प्रार्थना समाज, आर्य समाज, रामकृष्ण मिशन, थियोसोफिकल सोसाइटी, मुस्लिम धार्मिक आन्दोलन (सर सैयद अहमद खाँ)

भारत का राष्ट्रीय आन्दोलनइंडियन नेशनल कांग्रेस का जन्म, बंगभंग, रोलेट एक्ट, जलियांवाला बाग हत्याकाण्ड, खिलाफत आन्दोलन, असहयोग आन्दोलन, चौरीचौरा काण्ड, काकोरी काण्ड, स्वराज्य दल, साइमन कमीशन, बारदोली सत्याग्रह, नेहरू रिपोर्ट।

पूर्ण स्वतंत्रता की माँगजिन्ना की चौदह शर्तें, सविनय अवज्ञा आन्दोलन, प्रथम गोलमेज सम्मेलन, गाँधीइरविन समझौता, द्वितीय गोलमेज सम्मेलन, पूना पैक्ट, भारत छोड़ो आन्दोलन तथा स्वतंत्रता की प्राप्ति।

भारतीय राष्ट्रीय आन्दोलन के प्रमुख उदार एवं उग्र राष्ट्रवादी नेताओं का योगदानमहात्मा गाँधी, जवाहरलाल नेहरू, गोपालकृष्ण गोखले, दादाभाई नौरोजी, सुभाषचन्द्र बोस, लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक, लाला लाजपत राय।

जलवायु एवं मौसम में अन्तर एवं जलवायु को प्रभावित करने वाले तत्व।

भारत के प्राकृतिक प्रदेशबनावट, जनजीवन, कृषि, उद्योगधन्धे, प्रमुख राज्य नगर।

उत्तर प्रदेश के प्राकृतिक प्रदेशविस्तार, प्रमुख नगर, जनजीवन, उत्तर प्रदेश की अनुसूचित जातियाँ एवं जनजातियाँ।

उत्तर प्रदेश की खनिज सम्पदा, शक्ति के साधन, कृषि और सिंचाई।

उत्तर प्रदेश के प्रमुख आयातनिर्यात एवं उसका हमारी अर्थव्यवस्था पर प्रभाव।

उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक विरासतपुरातात्विक विरासत, कलाएँ, मेले त्योहार, तीर्थस्थान, विरासत का संरक्षण।

पर्यावरण प्रदूषणअर्थ, प्रकार रोकथाम।

संयुक्त राष्ट्रसंघगठन, अंग, कार्य।

जनगणना।

नागरिक सुरक्षा।

सरकार की विभिन्न जनहित योजनाएँभारत एवं उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा वर्तमान में चलाई जा रही स्वरोजगार योजनाएँ।

गैर सरकारी संगठन (एन. जी. .)

विविधता में एकता, राष्ट्रीय एकता के प्रतीक।

आतंकवाद, साम्प्रदायिकता तथा जातिवादअनुसूचित जाति एवं जनजातियों के संरक्षण हेतु संवैधानिक प्रावधान, भारत के शांति प्रयासगुटनिरपेक्षता की नीति, पंचशील के सिद्धान्त, संयुक्त राष्ट्रसंघ के माध्यम से भारत के शांति प्रयास।

भारतीय अर्थव्यवस्था के समक्ष प्रमुख चुनौतियाँ
गरीबीजनसंख्या वृद्धिजनसंख्या का घनत्व, माल्थस का जनसंख्या सिद्धान्त, जनसंख्या वृद्धि आर्थिक विकास में बाधक, भारत में जनांकिकीय प्रवृत्तियाँ, जन्म एवं मृत्यु दर, लिंग अनुपात, भारत की राष्ट्रीय जनसंख्या नीति।
भारत में गरीबी के कारण, भारत में गरीबी रेखा, गरीबी उन्मूलन कार्यक्रम।
बेरोजगारीप्रकार, बेरोजगारी उन्मूलन पर वर्तमान में सरकार द्वारा संचालित योजनाएँ।
साक्षरता दर।

भारत में खाद्य सुरक्षा एवं सार्वजनिक वितरण प्रणालीखाद्य सुरक्षा की समस्या, सार्वजनिक वितरण प्रणाली का उद्देश्य प्रसार, भारतीय खाद्य निगम, लक्षित सार्वजनिक वितरण योजना, एकीकृत बाल विकास योजनाएँ (आई. सी. डी. एस.), दोपहर भोजन व्यवस्था (एम. डी. एम.), राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा विधेयक।

भूमण्डलीकरण तथा सांख्यिकीपरिचय, आँकड़ों का प्रदर्शन महत्व, समान्तर माध्य, माध्यिका, बहुलक।

6. हिन्दी

अनिवार्य संस्कृत में अनुस्वार, हलन्त, विसर्ग आदि का ध्यान रखते हुए शुद्ध उच्चारण, वाचन एवं लेखन।

पाठ्यपुस्तक के अतिरिक्त अन्य पाठ्यवस्तु को समझकर पढ़ना।

दिये गये अनुच्छेदों के शीर्षक लिखना।

उच्च प्राथमिक स्तर की पाठ्यपुस्तकों में सम्मिलित कविता, निबन्ध, कहानी, एकांकी, यात्रावृत्तान्त, जीवनी, आत्मकथा, पत्रलेखन, नाटक के लेखकों का सामान्य परिचय, उनका अध्ययन अध्यापन कार्य।

अनिवार्य संस्कृत के पाठों का अध्यापन। नीतिश्लोकों को कण्ठस्थ कराना।

संस्कृत के शब्द भण्डार में वृद्धि हेतु कठिन शब्दों को चुनना, संकलन करना और वाक्य प्रयोग कराना।

7. ENGLISH

1. Theoretical Aspects
Different approaches and methods of teaching English
● Grammar translation method.
● Direct method.
● Structural approach cum situational technique.
● Communicative approach.
● Listening with comprehensions: Public announcements, T.V. News etc.

2. Content Specification
Grammar
● Complex and compound sentences
● Commands and requests

Tenses: Present, Past and Future
● Indefinite
● Continuous
● Perfect
● Perfect Continuous

Grammar
● Preposition
● Conjunction

Writing
● Description of Pictures or objects.
● Letter, Applications.
● Filling up the forms.

Lesson Planning

8. शांति शिक्षा एवं सतत् विकास

शांति शिक्षा की अवधारणा, शांति के लिए शिक्षा की वर्तमान आवश्यकता।

शांति शिक्षा में भारतीय जीवनमूल्य, शांति कौशल, शांति अभिवृत्तियाँ।

व्यक्तित्व एवं सामाजिक विकास (Personality and Social Development), व्यक्तित्व, व्यक्तित्व का स्वरूप, विकास और निर्धारण, आदत एवं स्वभाव (विचारधर्मिता) (Habits and Temperament), स्वजानकारी (Self-awareness), व्यक्तित्व विकास में वातावरण का प्रभाव, व्यक्तित्व के 5 बड़े गुण (Big Five Personality Traits)— खुलापन (Openness), चेतनता (Conscientiousness), बहिर्मुखता (Extra-version), सहमतिजन्यता (Agreeableness), न्यूरोटिकता (Neuroticism), व्यक्तित्व को सामाजिकता और शांति।

सहपाठी के आन्तरिक सम्बन्धों की समझ एवं आपसी सम्बन्धों का विकास (Development of Peer Relationship and Interpersonal Understandings)—
() बच्चों के विकास में उनके साथियों की भूमिका (Role of Peers in Children’s Development),
() साथी के सम्बन्धों की विशेषता (Characteristic of Peer Relationship),
() सामाजिक बोध (Social Cognition),
() आक्रामकता (Aggression),
() तकनीकी एवं साथी सम्बन्ध (Technology and Peer Relationship),
() साथी सम्बन्धों में विविधता एवं सामाजिक बोध (Diversity in Peer Relationships and Social Cognition),
() स्वस्थ साथीसम्बन्धों को बढ़ावा (Promoting Healthy Peer Relationship)

चरित्र एवं नैतिक शिक्षा, समाज अनुकूल विकास (Character and Moral Education Pro-Social Development), बच्चों के चरित्र निर्माण में मातापिता तथा परिवार के सदस्यों का योगदान। इसे अच्छा बनाने में प्रारम्भिक शिक्षक का महत्व।

व्यवहारवाद में उद्दीपन एवं अनुक्रिया (Behaviourism Stimuli and Responses), शांति के लिए निर्माणकारी व्यवहार के प्रोत्साहन हेतु रणनीतियाँ (Strategies for Encouraging Productive Behaviours), अवांछित व्यवहार को सकारात्मक तरीके से हतोत्साहित करने की रणनीतियाँ (Strategies for Discouraging Undesirable Behaviours in a Positive Way), सकारात्मक व्यवहारिक हस्तक्षेप और सहयोग (Positive Behaviour Intervention Support)

हिंसा क्या है और यह क्या करती है? (a) हिंसा के प्रकार— (i) मौखिक (Verbal), (ii) मनोवैज्ञानिक (Psychological), (iii) शारीरिक (Physical), (iv) दंगागत।

(Structural), (v) लोकप्रिय संस्कृति में अश्लीलता (Vulgarity in Popular Culture)
(b) हिंसा के मोर्चे (Frontiers of Violence)— (i) जाति (Caste), (ii) लिंग (Gender), (iii) भेदभाव (Discrimination), (iv) भ्रष्टाचार (Corruption), (v) साम्प्रदायिकता (Communalism), (vi) विज्ञापन (Advertisement), (vii) गरीबी (Poverty)
(c) हिंसा का खतरा (Perils of Violence)
(d) मीडिया और हिंसा (Media and Violence)
(e) विवादों के शांतिपूर्ण हल (Peaceful Resolution of Conflicts)
(f) विवादों के बाद समझौता (Reconciliation after Conflicts)

भारत में शांति हेतु दार्शनिक चिंतन, गांधी दर्शन और शांति।

तनाव प्रबंधन (Stress Management), आन्तरिक शांतिअष्टांग योग: यम, नियम, आसन, प्राणायाम, प्रत्याहार, धारणा, ध्यान, समाधि।

शांति मूल्य, मानवाधिकार और लोकतंत्र, भारत में धार्मिक सहिष्णुता एवं राष्ट्रीय एकता, वैश्वीकरण और शांति।

सतत विकास (Sustainable Development), सतत विकास का अर्थ एवं आवश्यकता (Meaning and Need), पर्यावरण एवं सतत विकास (Environment and Sustainable Development)

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