D.El.Ed 4th सेमेस्टर : शांति शिक्षा एवं सतत् विकास
यह विषय “शांति शिक्षा एवं सतत् विकास” यूपी डीएलएड (Diploma in Elementary Education) के चतुर्थ सेमेस्टर का एक अत्यंत महत्वपूर्ण विषय है। इस पेज पर आपको इस विषय से संबंधित पिछले 10 वर्षों के प्रश्नपत्र (Previous Year Papers), हल सहित प्रश्न-पत्र (Solved Papers) तथा परीक्षा की तैयारी के लिए उपयोगी नोट्स और अध्ययन सामग्री एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जाएगी।
इस विषय का प्रश्नपत्र कुल 25 अंकों का होता है तथा परीक्षा की अवधि 1 घंटा निर्धारित रहती है। परीक्षा में उत्तीर्ण होने के लिए अभ्यर्थियों को न्यूनतम 12 अंक प्राप्त करना आवश्यक होता है। प्रश्नपत्र में कुल 18 प्रश्न पूछे जाते हैं, जिनका स्वरूप निम्न प्रकार होता है—
- 5 बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQ) — प्रत्येक 1 अंक
- 6 अति लघु उत्तरीय प्रश्न — प्रत्येक 1 अंक
- 7 लघु उत्तरीय प्रश्न — प्रत्येक 2 अंक
अति लघु उत्तरीय प्रश्नों के उत्तर लगभग 30 शब्दों में तथा लघु उत्तरीय प्रश्नों के उत्तर लगभग 50 शब्दों में लिखना उपयुक्त माना जाता है। परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करने के लिए उत्तर स्पष्ट, सटीक और विषयानुकूल होना चाहिए। केवल अधिक लिखना पर्याप्त नहीं है, बल्कि सही, संक्षिप्त और व्यवस्थित उत्तर ही अच्छे अंक दिलाते हैं।
इसलिए इस विषय की बेहतर तैयारी के लिए मूल अवधारणाओं को अच्छी तरह समझना, नियमित अभ्यास करना और पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों का अध्ययन करना अत्यंत आवश्यक है।
विषय की मुख्य जानकारी
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| सेमेस्टर | चतुर्थ सेमेस्टर |
| प्रश्न पत्र | अष्टम् प्रश्न पत्र |
| विषय | शांति शिक्षा एवं सतत् विकास |
| कुल अंक | 25 |
| पास होने के लिए न्यूनतम अंक | 12 |
| परीक्षा का समय | 1 घंटा |
| कुल प्रश्न | 18 |
पाठ्यक्रम (SYLLABUS)
★ शांति शिक्षा की अवधारणा, शांति के लिए शिक्षा की वर्तमान आवश्यकता।
★ शांति शिक्षा में भारतीय जीवन–मूल्य, शांति कौशल, शांति अभिवृत्तियाँ।
★ व्यक्तित्व एवं सामाजिक विकास (Personality and Social Development), व्यक्तित्व, व्यक्तित्व का स्वरूप, विकास और निर्धारण, आदत एवं स्वभाव (विचारधर्मिता) (Habits and Temperament), स्व–जानकारी (Self-awareness), व्यक्तित्व विकास में वातावरण का प्रभाव, व्यक्तित्व के 5 बड़े गुण (Big Five Personality Traits)— खुलापन (Openness), चैतन्यता (Conscientiousness), बहिर्मुखता (Extra-version), सहमतिजन्यता (Agreeableness), स्नायुविकृति (Neuroticis), व्यक्तित्व की सामाजिकता और शांति।
★ सहपाठी के आन्तरिक सम्बन्धों की समझ एवं आपसी सम्बन्धों का विकास (Development of Peer Relationship and Interpersonal Understandings)—
(क) बच्चों के विकास में उनके साथियों की भूमिका (Role of Peers in Children’s Development),
(ख) साथी के सम्बन्धों की विशेषता (Characteristic of Peer Relationship),
(ग) सामाजिक बोध (Social Cognition),
(घ) आक्रामकता (Aggression),
(ङ) तकनीकी एवं साथी सम्बन्ध (Technology and Peer Relationship),
(च) साथी सम्बन्धों में विविधता एवं सामाजिक बोध (Diversity in Peer Relationships and Social Cognition),
(छ) स्वस्थ साथी–सम्बन्धों को बढ़ावा (Promoting Healthy Peer Relationship)।
★ चरित्र एवं नैतिक शिक्षा, समाज अनुकूल विकास (Character and Moral Education Pro-Social Development), बच्चों के चरित्र निर्माण में माता–पिता तथा परिवार के सदस्यों का योगदान। इसे अच्छा बनाने में प्रारम्भिक शिक्षक का महत्व।
★ व्यवहारवाद में उद्दीपन एवं अनुक्रिया (Behaviourism Stimuli and Responses), शांति के लिए निर्माणकारी व्यवहार के प्रोत्साहन हेतु रणनीतियाँ (Strategies for Encouraging Productive Behaviours), अवांछित व्यवहार को सकारात्मक तरीके से हतोत्साहित करने की रणनीतियाँ (Strategies for Discouraging Undesirable Behaviours in a Positive Way), सकारात्मक व्यवहारिक हस्तक्षेप और सहयोग (Positive Behaviour Intervention Support)
★ हिंसा क्या है? और यह क्या करती है? (a) हिंसा के प्रकार— (i) मौखिक (Verbal), (ii) मनोवैज्ञानिक (Psychological), (iii) शारीरिक (Physical), (iv) दंगागत।
(Structural), (v) लोकप्रिय संस्कृति में अश्लीलता (Vulgarity in Popular Culture)।
(b) हिंसा के मोर्चे (Frontiers of Violence)— (i) जाति (Caste), (ii) लिंग (Gender), (iii) भेदभाव (Discrimination), (iv) भ्रष्टाचार (Corruption), (v) साम्प्रदायिकता (Communalism), (vi) विज्ञापन (Advertisement), (vii) गरीबी (Poverty)।
(c) हिंसा का खतरा (Perils of Violence)।
(d) मीडिया और हिंसा (Media and Violence)।
(e) विवादों के शांतिपूर्ण हल (Peaceful Resolution of Conflicts)।
(f) विवादों के बाद समझौता (Reconciliation after Conflicts)।
★ भारत में शांति हेतु दार्शनिक चिंतन, गांधी दर्शन और शांति।
★ तनाव प्रबंधन (Stress Management), आन्तरिक शांति— अष्टांग योग: यम, नियम, आसन, प्राणायाम, प्रत्याहार, धारणा, ध्यान, समाधि।
★ शांति मूल्य, मानवाधिकार और लोकतंत्र, भारत में धार्मिक सहिष्णुता एवं राष्ट्रीय एकता, वैश्वीकरण और शांति।
★ सतत विकास (Sustainable Development), सतत विकास का अर्थ एवं आवश्यकता (Meaning and Need), पर्यावरण एवं सतत विकास (Environment and Sustainable Development)
