UP DElEd 2nd Semester Science Solved Paper 2020
DElEd 2nd Semester Science Solved Paper 2020 : UP D.El.Ed (BTC) द्वितीय सेमेस्टर के प्रशिक्षुओं के लिए विज्ञान (Science) विषय की परीक्षा तैयारी को मजबूती देने के लिए 2020 का साल्व्ड पेपर एक उत्कृष्ट संसाधन है। इस वर्ष का प्रश्न-पत्र न केवल पाठ्यक्रम के मुख्य हिस्सों को कवर करता है, बल्कि परीक्षा के वास्तविक प्रारूप (Exam Pattern) को समझने में भी अत्यंत सहायक है।
इस लेख में हम आपको 2020 के विज्ञान प्रश्न-पत्र का संपूर्ण हल उपलब्ध करा रहे हैं। इसे पढ़ने से आपको यह स्पष्ट हो जाएगा कि बोर्ड द्वारा किस प्रकार के प्रश्न पूछे जाते हैं और कम समय में सटीक उत्तर कैसे लिखा जाना चाहिए। नीचे दिए गए सेक्शन से आप इसका PDF आसानी से डाउनलोड कर सकते हैं।
2nd Semester Science Solved Paper 2020
वस्तुनिष्ठ प्रश्न
प्रश्न 1. जूल मात्रक है-
(A) कार्य का
(B) ऊर्जा का
(C) कार्य और ऊर्जा दोनों का
(D) शक्ति का
उत्तर: (C) कार्य और ऊर्जा दोनों का
प्रश्न 2. रबी की फसल है-
(A) मक्का
(B) ज्वार
(C) बाजरा
(D) चना
उत्तर: (D) चना
प्रश्न 3. चन्द्रग्रहण की घटना होती है-
(A) अमावस्या के दिन
(B) पूर्णिमा के दिन
(C) अमावस्या की रात
(D) कभी भी
उत्तर: (B) पूर्णिमा के दिन
प्रश्न 4. D.P.T. के टीके से बचाव होता है-
(A) डिप्थीरिया का
(B) काली खाँसी का
(C) टिटनेस का
(D) उपर्युक्त तीनों का
उत्तर: (D) उपर्युक्त तीनों का
प्रश्न 5. CaSO4 में Ca की संयोजकता है-
(A) +1
(B) + 2
(C) -2
(D) -1
उत्तर: (B) + 2
अति लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 6. नाभिकीय ऊर्जा किसे कहते हैं? इसका उपयोग क्या है? 14/2018, 15/2019
उत्तर: किसी परमाणु के नाभिक के विखंडन (fission) या संलयन (fusion) से प्राप्त होने वाली ऊर्जा को नाभिकीय ऊर्जा कहते हैं।
उपयोग: 1. विद्युत उत्पादन में (परमाणु रिएक्टरों में)।
- चिकित्सा क्षेत्र में (कैंसर उपचार)।
- पनडुब्बियों और अंतरिक्ष यानों में ईंधन के रूप में।
प्रश्न 7. प्रथम वर्ग के उत्तोलक को उदाहरण सहित परिभाषित कीजिए।
उत्तर: वह उत्तोलक जिसमें आलंब (F), आयास (E) और भार (L) के बीच स्थित होता है। उसे प्रथम वर्ग का उत्तोलक कहते हैं। उदाहरण: कैंची, तराजू, हैण्डपम्प, कील उखाड़ने वाली हथौड़ी।

प्रश्न 8. जल में घुलनशील तथा वसा में घुलनशील विटामिन के दो-दो उदाहरण लिखिए। 09/2016 (ii), 08/2019
उत्तर: जल में घुलनशील: विटामिन B और C.
वसा में घुलनशील: विटामिन A, D, E, K
प्रश्न 9. जल प्रदूषण के मुख्य कारण लिखिए।
उत्तर: औद्योगिक अपशिष्ट (Chemicals), घरेलू वाहित मल (Sewage), कृषि रसायन (उर्वरक/कीटनाशक), मृत शवों का विसर्जन आदि जल प्रदूषण के मुख्य कारण है।
प्रश्न 10. वसा को कितने समूहों में बाँटा गया है?
उत्तर: वसा को मुख्य रूप से दो समूहों में बाँटा गया है:
(1) संतृप्त वसा – जैसे घी, मक्खन (जंतु वसा)।
(2) असंतृप्त वसा – जैसे वनस्पति तेल (पादप वसा)।
प्रश्न 11. दिये गये समीकरण को पूरा कीजिए- CaCO3 + 2HCl ……….…
उत्तर: CaCO3 + 2HCl CaCl2 + H2O + CO2
लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 12. भौतिक तथा रासायनिक परिवर्तन में क्या अन्तर है? 15/2015, 18/2018
उत्तर: भौतिक परिवर्तन: वह परिवर्तन जिसमें पदार्थ के भौतिक गुण (जैसे अवस्था, रंग) बदल जाते हैं लेकिन कोई नया पदार्थ नहीं बनता और मूल पदार्थ को पुनः प्राप्त किया जा सकता है। उदाहरण: बर्फ का पिघलना।
रासायनिक परिवर्तन: वह परिवर्तन जिसमें नया पदार्थ बनता है जिसके गुण मूल पदार्थ से भिन्न होते हैं और इसे आसानी से पलटा नहीं जा सकता। उदाहरण: दूध से दही बनना, लोहे पर जंग लगना।
प्रश्न 13. मृदा प्रदूषण के स्त्रोत एवं प्रभाव लिखिए।
उत्तर: जब मिट्टी में हानिकारक रसायन, कचरा या कीटनाशक मिल जाते हैं तो उसे मृदा प्रदूषण कहते हैं। जिससे मिट्टी की उर्वरता कम हो जाती है और पौधों, जानवरों तथा मनुष्यों पर बुरा प्रभाव पड़ता है।
स्त्रोत | प्रभाव |
1. अत्यधिक कीटनाशकों, शाकनाशकों और रासायनिक उर्वरकों का उपयोग। | 1. मिट्टी की उर्वरता कम होना, मिट्टी में लाभकारी सूक्ष्मजीवों का नष्ट होना और जल स्रोतों का दूषित होना। |
2. औद्योगिक अपशिष्ट जैसे- उद्योगों से निकलने वाला सीसा, पारा, कैडमियम जैसे हानिकारक रसायन। | 2. मिट्टी को विषैला बनाना, खाद्य श्रृंखला के माध्यम से मनुष्यों और पशुओं में स्वास्थ्य समस्याएं पैदा करना। |
3. शहरी कचरा जैसे- प्लास्टिक, ई-कचरा और घरेलू अपशिष्ट। | 3. मिट्टी की भौतिक संरचना को बिगाड़ना, जल निकासी में बाधा और दुर्गंध पैदा करना। |
प्रश्न 14. मनुष्य के श्वसन तन्त्र का नामांकित चित्र बनाइए। 15/2017
उत्तर:

प्रश्न 15. प्रोकैरियोटिक तथा यूकैरियोटिक कोशिकाओं में अन्तर स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
प्रोकैरियोटिक कोशिका | यूकैरियोटिक कोशिका |
1. इनमें सुस्पष्ट केन्द्रक नहीं होता। | 1. इनमें सुस्पष्ट केन्द्रक होता है। |
2. केन्द्रकीय झिल्ली अनुपस्थित होती है। | 2. केन्द्रकीय झिल्ली उपस्थित होती है। |
3. कोशिकांग झिल्ली-बद्ध नहीं होते। | 3. कोशिकांग झिल्ली-बद्ध होते हैं। |
4. आकार में छोटी व सरल होती हैं। | 4. आकार में बड़ी व जटिल होती हैं। |
5. राइबोसोम्स 70 s प्रकार के होते हैं। | 5. राइबोसोम्स 80 s प्रकार के होते हैं। |
6. डीएनए न्यूक्लियोइड में पाया जाता है। | 6. डीएनए केन्द्रक में पाया जाता है। |
उदाहरण— बैक्टीरिया, सायनोबैक्टीरिया। | उदाहरण— पादप एवं जन्तु कोशिकाएँ। |
प्रश्न 16. उत्तोलक क्या है? इसके प्रकार उदाहरण सहित समझाइए।
उत्तर: उत्तोलक एक सरल मशीन है जो एक निश्चित बिंदु (आलम्ब) के चारों ओर घूम सकती है। इसके द्वारा कम प्रयास लगाकर भारी वस्तु को उठाया या स्थानांतरित किया जाता है। उत्तोलक तीन प्रकार के होते हैं:
- प्रथम वर्ग के उत्तोलक : इसमें आलम्ब (F) बीच में होता है। जिसके एक ओर भार (L) और दूसरी ओर प्रयास (E) लगता है।
उदाहरण: कैंची, सी-सॉ झूला, प्लास, हथौड़ी से कील निकालना। - द्वितीय वर्ग के उत्तोलक: इसमें भार (L) बीच में होता है। एक ओर प्रयास (E) और दूसरी ओर आलम्ब (F) होता है।
उदाहरण: सरौता, नींबू निचोड़ने की मशीन, एक पहिये वाली ठेलागाड़ी ।
- तृतीय वर्ग: इस वर्ग में, आयास (E), आलंब (F) और भार (L) के बीच स्थित होता है।
उदाहरण: चिमटा।
प्रश्न 17. निम्नलिखित के सूत्र एवं एक-एक उपयोग लिखिए-
(a) विरंजक चूर्ण (b) बेकिंग सोडा (c) धावन सोडा।
उत्तर: यौगिक रासायनिक सूत्र उपयोग
(a) विरंजक चूर्ण CaOCl2 पानी को कीटाणु रहित करने में।
(b) बेकिंग सोडा NaHCO3 बेकरी उद्योग में।
(c) धावन सोडा Na2CO3.10H2O कपड़े धोने में / काँच उद्योग में।
प्रश्न 18. सन्तुलित आहार क्या है? मनुष्य के लिए सन्तुलित आहार क्यों आवश्यक है? 13/2016, 15/2018, 16/2019
उत्तर: वह आहार जिसमें शरीर की आवश्यकतानुसार सभी पोषक तत्व (कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, वसा, विटामिन, खनिज लवण और जल) उचित मात्रा में मौजूद हों, संतुलित आहार कहलाता है। संतुलित आहार में शरीर की वृद्धि, विकास और स्वास्थ्य रक्षा के लिए आवश्यक सभी पोषक तत्व उचित अनुपात में उपस्थित होते हैं । मनुष्य के लिए सन्तुलित आहार आवश्यक है क्योंकि:
- यह शरीर को कार्य करने के लिए ऊर्जा प्रदान करता है।
- शरीर की वृद्धि और टूटे-फूटे ऊतकों की मरम्मत करता है।
- रोगों से लड़ने की क्षमता (प्रतिरोधक क्षमता) बढ़ाता है।
- कुपोषण और उससे होने वाले रोगों से बचाता है।





