DElEd 2nd Semester Science : Chapter-2 : मृदा तथा फसलें
यदि आप DElEd 2nd Semester Science की तैयारी कर रहे हैं, तो Chapter 2: मृदा तथा फसलें आपके लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस पोस्ट में इस अध्याय की पूरी थ्योरी सरल और आसान भाषा में समझाई गई है, जिससे आपकी बेसिक समझ मजबूत होगी। साथ ही, इस चैप्टर से वर्ष 2015 से 2025 तक के पिछले 10 वर्षों के महत्वपूर्ण प्रश्न (PYQ) भी शामिल किए गए हैं, ताकि आप परीक्षा पैटर्न को अच्छी तरह समझ सकें और अपनी तैयारी को और बेहतर बना सकें।
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1. फसलें और उनके प्रकार (Crops and their Types)
फसलों का वर्गीकरण मुख्य रूप से ऋतुओं और आर्थिक महत्व के आधार पर किया जाता है।
(A) ऋतुओं के आधार पर वर्गीकरण:
1. रबी की फसल (Rabi Crops): ये फसलें सर्दी की शुरुआत (अक्टूबर-नवंबर) में बोई जाती हैं और गर्मी की शुरुआत (मार्च-अप्रैल) में काटी जाती हैं।
- उदाहरण: गेहूँ, चना, मटर, सरसों, जौ, आलू।
2. खरीफ की फसल (Kharif Crops): ये फसलें वर्षा ऋतु के प्रारंभ (जून-जुलाई) में बोई जाती हैं और जाड़े की शुरुआत (अक्टूबर-नवंबर) में काट ली जाती हैं। इन्हें अधिक पानी और ताप की आवश्यकता होती है।
- उदाहरण: धान (चावल), मक्का, ज्वार, बाजरा, मूंगफली, कपास, गन्ना।
3. जायद की फसल (Zaid Crops): ये फसलें रबी और खरीफ के बीच की गर्मियों (मार्च-अप्रैल) में उगाई जाती हैं। ये तेज गर्मी और शुष्क हवाएं सहन कर सकती हैं।
- उदाहरण: तरबूज, खरबूजा, ककड़ी, लौकी, भिंडी, विभिन्न सब्जियाँ।
(B) आर्थिक महत्व के आधार पर वर्गीकरण:
फसलों को उनके उपयोग और आर्थिक लाभ के आधार पर तीन भागों में बाँटा गया है:
- खाद्य फसलें (Food Crops): मानव भोजन के लिए उगाई जाने वाली फसलें।
- उदाहरण: चावल, गेहूँ, मक्का, दालें।
- नकदी फसलें (Cash Crops): जिन्हें बेचकर नकद आय प्राप्त की जाती है।
- उदाहरण: गन्ना, कपास, तंबाकू, तिलहन।
- औद्योगिक फसलें (Industrial Crops): इनका उपयोग उद्योगों में कच्चे माल के रूप में होता है।
- उदाहरण: कपास, जूट, औषधि वाले पौधे।
2. फसल चक्र (Crop Rotation)
परिभाषा: किसी निश्चित खेत में एक निश्चित समय के भीतर फसलों को इस क्रम में बोना कि भूमि की उर्वरा शक्ति (Fertility) नष्ट न हो, फसल चक्र (Crop Rotation) कहलाता है।
- कैसे काम करता है: एक ही खेत में बार-बार एक ही फसल बोने की बजाय बदल-बदल कर फसलें बोई जाती हैं (जैसे: गेहूँ के बाद दलहनी फसलें जैसे मूँग या चना बोना)।
- फसल चक्र के लाभ (Benefits):
- मृदा की उर्वरता बनी रहती है: भूमि को आवश्यक पोषक तत्व मिलते रहते हैं।
- कीट व रोगों से बचाव: फसल बदलने से विशेष प्रकार के कीड़ों और रोगों का चक्र टूट जाता है।
- उत्पादन में वृद्धि: फसल की पैदावार अच्छी होती है।
- खरपतवार नियंत्रण: अनावश्यक घास-फूस कम उगते हैं।
3. मृदा अपरदन (Soil Erosion)
परिभाषा: प्राकृतिक कारकों (जैसे जल या वायु) द्वारा मिट्टी की ऊपरी उपजाऊ परत का कटकर या बहकर एक स्थान से दूसरे स्थान पर चले जाना मृदा अपरदन कहलाता है।
(A) जलीय अपरदन (Water Erosion) के प्रकार:
जब जल मिट्टी को बहा ले जाता है, तो यह चार मुख्य रूपों में होता है:
- बौछार/आस्फाल अपरदन (Splash Erosion): वर्षा की बूँदें सीधे मिट्टी पर गिरकर कणों को बिखेर देती हैं।
- परत अपरदन (Sheet Erosion): पानी के बहाव से खेत की पूरी ऊपरी उपजाऊ परत समतल रूप से बह जाती है।
- रिल अपरदन (Rill Erosion): खेत में बहते पानी से उँगलियों जैसी पतली नालियाँ बन जाती हैं।
- अवनालिका अपरदन (Gully Erosion): जब रिल अपरदन बढ़ जाता है, तो नालियाँ गहरी होकर खाइयों/गडढों (Gullies) का रूप ले लेती हैं।
(B) मृदा अपरदन के कारण:
- तेज वर्षा और तेज हवाएँ।
- वनों की अंधाधुंध कटाई (Deforestation)।
- पशुओं द्वारा अति चराई (Overgrazing)।
- ढलान वाली भूमि पर खेती करना।
(C) रोकने के उपाय (Soil Conservation):
- वृक्षारोपण: अधिक से अधिक पेड़ लगाना क्योंकि जड़ें मिट्टी को बांधे रखती हैं।
- मेड़बंदी: खेतों के चारों ओर मेड़ बनाना ताकि पानी का बहाव रुके।
- फसल आवरण: खेत को खाली छोड़ने की बजाय उस पर घास या फसल उगाए रखना।
- खाइयों को भरने के लिए गली नियंत्रण (पत्थर/घास का उपयोग) करना।
- पहाड़ी क्षेत्रों में सीढ़ीदार खेती (Terrace Farming)।
4. कृषि यंत्र एवं उपकरण (Agricultural Tools)
खेती में विभिन्न कार्यों के लिए अलग-अलग यंत्रों का प्रयोग होता है:
यंत्र का नाम | मुख्य कार्य एवं विशेषताएँ |
मिट्टी पलट हल (Mouldboard Plough) | इसका कार्य मिट्टी को नीचे से ऊपर की ओर पलटना है। यह ‘L’ आकार का कूँड (Furrow) काटता है। |
मेस्टन हल (Meston Plough) | यह भी एक प्रकार का मिट्टी पलट हल है। इसका मुख्य कार्य ऊपर की मिट्टी को नीचे तथा नीचे की मिट्टी को ऊपर करना है। |
कल्टीवेटर (Cultivator) | इसका प्रयोग द्वितीयक जुताई के लिए होता है। यह मिट्टी को भुरभुरा बनाता है और खरपतवार (Weeds) को नष्ट करता है। यह हल की तुलना में तेजी से काम करता है। |
डिबलर (Dibbler) | इसका उपयोग बीजों की बुवाई के लिए होता है। यह खेत में बराबर दूरी और गहराई पर छेद बनाता है (विशेषकर सब्जियों के लिए), जिससे बीज की बचत होती है। |
5. फसल सुरक्षा (Crop Protection)
खाद एवं उर्वरक (Manure and Fertilizer)
कारक (Factor) | खाद (Manure – जैविक) | उर्वरक (Fertilizer – रासायनिक) |
उत्पादन | खेतों में (गोबर, पौधे के अवशेष) | कारखानों में (Factories) |
पोषक तत्व | सभी पोषक तत्व कम मात्रा में होते हैं। | विशिष्ट पोषक तत्व (N, P, K) अधिक मात्रा में होते हैं। |
लाभ | मिट्टी को ह्युमस (Humus) प्रदान करता है, मिट्टी की बनावट और जल धारण क्षमता सुधारता है। | तेज़ी से परिणाम देता है और फसल की उपज बढ़ाता है। |
फसलों को कीड़े-मकौड़ों से बचाने के लिए कीटनाशकों (Pesticides) का प्रयोग किया जाता है।
- प्रमुख कीटनाशक: मेलाथियान (Malathion)। यह एक प्रसिद्ध कीटनाशक है जिसका छिड़काव फसलों को कीटों से बचाने के लिए किया जाता है। (चेतावनी: यह विषैला होता है, इसलिए सावधानीपूर्वक प्रयोग करें)।
सारांश (Summary for Exam):
- चना रबी की फसल है।
- मिट्टी पलट हल ‘L’ आकार का कूँड काटता है।
- फसल चक्र से मिट्टी की उर्वरता बनी रहती है।
- मिट्टी के कटाव को मृदा अपरदन कहते हैं (बौछार, परत, रिल, अवनालिका)।
- कल्टीवेटर का उपयोग जुताई और खरपतवार नाश के लिए, और डिबलर का उपयोग बुवाई के लिए होता है।
मृदा तथा फसलें : PYQ 2015-2025
वस्तुनिष्ठ प्रश्न
प्रश्न 1. रबी की फसल है- 02/2020
(A) मक्का
(B) ज्वार
(C) बाजरा
(D) चना
अति लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 2. मिट्टी पलट हल किस आकार का कुँड काटता है? 06/2015
उत्तर– मिट्टी पलट हल L आकार का कूँड काटता है।
प्रश्न 3. मेस्टन हल का मुख्य कार्य लिखिए। 07/2016 (ii)
उत्तर– मेस्टन हल का मुख्य कार्य मिट्टी को पलटना है। यह ऊपर की मिट्टी को नीचे तथा नीचे की मिट्टी को ऊपर कर देता है।
प्रश्न 4. फसल चक्र किसे कहते हैं? 08/2018
उत्तर– किसी खेत में एक निश्चित समय में एक फसल के बाद दूसरी फसल लेने की क्रिया को, जिससे भूमि की उर्वरा शक्ति नष्ट न होने पाये, फसल चक्र कहलाता है।
लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 5. जलीय अपरदन किसे कहते हैं? यह कितने प्रकार का होता है? 18/2015
उत्तर– जब बहता हुआ जल भूमि की ऊपरी उपजाऊ परत को काटकर बहा ले जाता है, उसे जलीय अपरदन कहते हैं। यह मुख्य रूप से चार प्रकार का होता है:
- बौछार/आस्फाल अपरदन (Splash Erosion): वर्षा की बूंदों के सीधे प्रभाव से मिट्टी के कणों का बिखरना।
- परत अपरदन (Sheet Erosion): जल की पतली परत द्वारा खेत की ऊपरी उपजाऊ मिट्टी का बह जाना।
- रिल अपरदन (Rill Erosion): खेत में छोटी-छोटी उँगलियों के आकार की नालियों (Rills) का बनना।
- अवनालिका अपरदन (Gully Erosion): रिल अपरदन के बढ़ने से गहरी और बड़ी खाइयाँ (Gullies) बन जाना।


प्रश्न 6. फसल चक्रण या फसल चक्र क्या है? 10/2016
फसल चक्रण से क्या अभिप्राय है? 13/2023
उत्तर– किसी खेत में एक निश्चित समय में एक फसल के बाद दूसरी फसल लेने की क्रिया को, जिससे भूमि की उर्वरा शक्ति नष्ट न होने पाये, फसल चक्र या फसल चक्रण कहलाता है।
फसल चक्रण या फसल चक्र वह पद्धति है जिसमें एक ही भूमि पर क्रम से अलग-अलग प्रकार की फसलें बोई जाती हैं। उदाहरण के लिए — गेहूँ के बाद मूँग या चना बोना। इससे मिट्टी की उर्वरता बनी रहती है, पोषक तत्वों की कमी नहीं होती और कीट व रोगों का प्रकोप भी कम होता है।
प्रश्न 7. खेती में प्रयुक्त कल्टीवेटर का नामांकित चित्र बनाइए। 18/2016 (ii)
उत्तर– 
प्रश्न 8. कृषि कार्य में प्रयुक्त उपकरण डिबलर एवं कल्टीवेटर की उपयोगिता लिखिए। 13/2017
उत्तर– कृषि कार्य में प्रयुक्त डिबलर और कल्टीवेटर की उपयोगिता निम्न है–
डिबलर (Dibbler): इसका उपयोग बीजों की बुवाई के लिए किया जाता है। यह बुवाई के लिए मिट्टी में निश्चित दूरी और गहराई पर छेद बनाता है। इसका प्रयोग मुख्य रूप से सब्जियों या छोटे बीजों के लिए किया जाता है, जिससे बीज की बचत होती है और पौधे एक समान दूरी पर उगते हैं।

कल्टीवेटर (Cultivator): इसका उपयोग द्वितीयक जुताई के लिए किया जाता है। यह मिट्टी को भुरभुरा बनाता है, खरपतवारों को नष्ट करता है और खेत को बुवाई के लिए तैयार करता है। यह मिट्टी पलट हल की तुलना में कम शक्ति लेता है और तेजी से काम करता है।
प्रश्न 9. किसी एक कीटनाशक पदार्थ का नाम बताइए। 11/2018
उत्तर– मेलाथियान एक प्रसिद्ध कीटनाशक पदार्थ है जिसका प्रयोग पौधों को कीटों से बचाने के लिए किया जाता है। यह पौधों पर छिड़काव के रूप में प्रयोग किया जाता है और जल्दी प्रभाव दिखाता है। मेलाथियान का उपयोग करते समय दस्ताने और मास्क पहनना चाहिए, क्योंकि यह मनुष्यों और जानवरों के लिए विषैला होता है।
प्रश्न 10. फसल चक्र से क्या लाभ होता है? 14/2019
उत्तर– फसल चक्र से होने वाले लाभ-
- मिट्टी की उर्वरता बनाए रखना: फसल चक्र से भूमि में पोषक तत्वों का संतुलन बना रहता है, जिससे मिट्टी की उर्वरता कम नहीं होती।
- कीट और रोगों से बचाव: एक ही फसल बार-बार बोने से कीट-रोग बढ़ते हैं, परंतु फसल बदलने से उनका प्रकोप घटता है।
- पोषक तत्वों का संतुलन: विभिन्न फसलें मिट्टी से अलग-अलग पोषक तत्व लेती हैं, जिससे किसी एक तत्व की कमी नहीं होती।
- खरपतवार नियंत्रण: फसल के प्रकार में बदलाव से खरपतवारों को नियंत्रित करने में मदद मिलती है।
- मृदा संरक्षण: मिट्टी के कटाव को रोकने में मदद मिलती है।
- उत्पादन में वृद्धि: फसल चक्र अपनाने से भूमि स्वस्थ रहती है और कुल उत्पादन बढ़ता है।
प्रश्न 11. मृदा प्रदूषण के स्त्रोत एवं प्रभाव लिखिए। 13/2020
उत्तर– जब मिट्टी में हानिकारक रसायन, कचरा या कीटनाशक मिल जाते हैं तो उसे मृदा प्रदूषण कहते हैं। जिससे मिट्टी की उर्वरता कम हो जाती है और पौधों, जानवरों तथा मनुष्यों पर बुरा प्रभाव पड़ता है।
स्त्रोत | प्रभाव |
1. अत्यधिक कीटनाशकों, शाकनाशकों और रासायनिक उर्वरकों का उपयोग। | 1. मिट्टी की उर्वरता कम होना, मिट्टी में लाभकारी सूक्ष्मजीवों का नष्ट होना और जल स्रोतों का दूषित होना। |
2. औद्योगिक अपशिष्ट जैसे- उद्योगों से निकलने वाला सीसा, पारा, कैडमियम जैसे हानिकारक रसायन। | 2. मिट्टी को विषैला बनाना, खाद्य श्रृंखला के माध्यम से मनुष्यों और पशुओं में स्वास्थ्य समस्याएं पैदा करना। |
3. शहरी कचरा जैसे- प्लास्टिक, ई-कचरा और घरेलू अपशिष्ट। | 3. मिट्टी की भौतिक संरचना को बिगाड़ना, जल निकासी में बाधा और दुर्गंध पैदा करना। |
प्रश्न 12. मृदा अपरदन से आप क्या समझते हैं? इसके कारण एवं रोकने के उपायों पर प्रकाश डालिए। 17/2022
उत्तर– मृदा अपरदन वह प्रक्रिया है जिसमें हवा या पानी जैसी प्राकृतिक शक्तियों द्वारा मिट्टी की ऊपरी उपजाऊ परत कटकर, घिसकर या बहकर एक स्थान से दूसरे स्थान पर चली जाती है। यह भूमि की उत्पादकता को कम कर देता है।
मृदा अपरदन के कारण–
- तेज वर्षा: भारी वर्षा मिट्टी की ऊपरी परत को बहा ले जाती है।
- तेज हवाएँ: तेज हवा सूखी मिट्टी को उड़ाकर दूर ले जाती है।
- भूमि की ढलान: ढलान पर पानी तेज़ी से बहने से मिट्टी कट जाती है।
- वनों की कटाई: पेड़ों की जड़ों के अभाव में मिट्टी ढीली होकर बह जाती है।
- अति चराई: जानवरों द्वारा अत्यधिक चराई से घास नष्ट होकर मिट्टी खुली रह जाती है।
- स्थानांतरण कृषि: पेड़ जलाकर भूमि खुली छोड़ देने से मिट्टीबहजाती है।
मृदा अपरदन रोकने के उपाय–
- वृक्षारोपण: ढलानों और खाली भूमि पर पेड़ लगाना।
- फसल आवरण: खेत को फसल या घास से ढककर रखना।
- मेड़बंदी: खेतों की सीमाओं पर मिट्टी की मेड़ बनाना।
- गली नियंत्रण: खाइयों में पत्थर या घास भरकर पानीकावेग कम करना।
प्रश्न 13. आर्थिक महत्व के आधार पर फसलों को कितने भागों में बाँटा जा सकता है? 15/2025
उत्तर– फसलों को उनके आर्थिक महत्व के आधार पर तीन मुख्य वर्गों में बाँटा जाता है-
- खाद्य फसलें (Food Crops)
- नकदी फसलें (Cash Crops)
- औद्योगिक फसलें (Industrial Crops)
- खाद्य फसलें (Food Crops) 🥦
- ये फसलें मानव उपभोग के लिए उगाई जाती हैं।
- इनसे लोगों को भोजन और पोषण प्राप्त होता है।
- इनमें अनाज, दालें, फल और सब्जियाँ शामिल हैं।
उदाहरण: चावल, गेहूँ, मक्का, चना, अरहर, आम, केला, टमाटर, आलू
- नकदी फसलें (Cash Crops) 💰
- इन फसलों को व्यावसायिक बिक्री और लाभ के लिए उगाया जाता है।
- ये किसान की आय बढ़ाने में सहायक होती हैं।
उदाहरण: गन्ना, कपास, तंबाकू, चाय, कॉफी, तिलहन (सरसों, मूंगफली)
- औद्योगिक फसलें (Industrial Crops) 🏭
- इन फसलों का उपयोग विभिन्न उद्योगों के कच्चे माल के रूप में किया जाता है।
- ये वस्त्र, औषधि, पेय पदार्थ और पशु आहार उद्योगों में काम आती हैं।
उदाहरण: कपास, जूट, सन, गन्ना, चुकंदर, अल्फाल्फा, एलोवेरा, चाय, कॉफी
2nd Semester Science Notes
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- पृथ्वी और आकाश
- मृदा तथा फसलें
- कार्य एवं ऊर्जा
- सरल मशीनें
- जीवों की संरचना
- जीवन की क्रियाएं
- मानव शरीर के अंग एवं कार्य
- भोजन, स्वास्थ्य एवं रोग
- तत्वों का वर्गीकरण
- पास-पड़ोस में होने वाले परिवर्तन
- अम्ल, क्षारक तथा लवण
- पर्यावरण प्रदूषण




