UP DElEd 2nd Semester Science Solved Paper 2016
DElEd 2nd Semester Science Solved Paper 2016 : UP D.El.Ed (BTC) द्वितीय सेमेस्टर के अभ्यर्थियों के लिए विज्ञान विषय की तैयारी को मजबूत करने में वर्ष 2016 का सॉल्व्ड पेपर बेहद उपयोगी संसाधन है। यह प्रश्न-पत्र न केवल पाठ्यक्रम के प्रमुख टॉपिक्स को कवर करता है, बल्कि परीक्षा में पूछे जाने वाले प्रश्नों के प्रकार और पैटर्न को समझने में भी मदद करता है।
इस लेख में हमने 2016 के विज्ञान प्रश्न-पत्र को आसान भाषा में विस्तारपूर्वक हल सहित प्रस्तुत किया है, ताकि आप प्रत्येक प्रश्न की अवधारणा को स्पष्ट रूप से समझ सकें। साथ ही, उत्तर लिखने की सही तकनीक और समय प्रबंधन से जुड़े महत्वपूर्ण टिप्स भी शामिल किए गए हैं, जिससे आप परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन कर सकें।
पुराने प्रश्न-पत्रों का नियमित अभ्यास आपकी तैयारी को अधिक मजबूत बनाता है और आत्मविश्वास बढ़ाने में भी सहायक होता है। यह सॉल्व्ड पेपर आपको महत्वपूर्ण विषयों की पहचान करने और एक प्रभावी परीक्षा रणनीति बनाने में सहायता करेगा।
नीचे दिए गए सेक्शन से आप इस प्रश्न-पत्र का PDF आसानी से डाउनलोड कर सकते हैं और अपनी तैयारी को एक नए स्तर तक ले जा सकते हैं।
2nd Semester Science Solved Paper 2016
वस्तुनिष्ठ प्रश्न
प्रश्न 1. निम्नलिखित में से भौतिक परिवर्तन है-
(A) दूध से दही का बनना
(B) गन्ना के रस से सिरका का बनना
(C) बल्ब का जलना
(D) कागज का जलना
उत्तर: (C) बल्ब का जलना
प्रश्न 2. नींबू में पाया जाने वाला अम्ल है-
(A) सल्फ्यूरिक
(B) एसिटिक
(C) नाइट्रिक
(D) साइट्रिक
उत्तर: (D) साइट्रिक (Citric Acid)
प्रश्न 3. विटामिन ‘D’ का सबसे सस्ता प्राकृतिक स्रोत है-
(A) फल
(B) सब्जी
(C) सूर्य की रोशनी (धूप)
(D) दूध
उत्तर: (C) सूर्य की रोशनी (धूप)
प्रश्न 4. सरौता में आलम्ब होता है-
(A) किनारे पर
(B) बीच में
(C) किनारे तथा बीच के मध्य
(D) उपर्युक्त में से कोई नहीं
उत्तर: (A) किनारे पर
प्रश्न 5. घड़ी को चाभी देने में संग्रह करते हैं-
(A) गतिज ऊर्जा
(B) गुरुत्वीय त्वरण
(C) स्थितिज ऊर्जा
(D) सामर्थ्य
उत्तर: (C) स्थितिज ऊर्जा
अति लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 6. सोडियम हाइड्रॉक्साइड तथा हाइड्रोक्लोरिक अम्ल के साथ अभिक्रिया का रासायनिक समीकरण लिखिए।
उत्तर: NaOH + HCl → NaCl + H2O
प्रश्न 7. तीव्र परिवर्तन किसे कहते हैं?
उत्तर: वे परिवर्तन जो बहुत कम समय में पूर्ण हो जाते हैं, तीव्र परिवर्तन कहलाते हैं। जैसे- माचिस का जलना, गुब्बारे का फूटना।
प्रश्न 8. वाष्पन किसे कहते हैं?
उत्तर: किसी द्रव का उसके क्वथनांक से कम तापमान पर वाष्प (गैस) में बदलने की प्रक्रिया वाष्पन (Evaporation) कहलाती है।
प्रश्न 9. चाल किसे कहते हैं? इसका मात्रक भी लिखिए।
उत्तर: किसी वस्तु द्वारा एकांक समय में चली गई दूरी को चाल कहते हैं। चाल = दूरी / समय
इसका मात्रक मीटर/सेकण्ड (m/s) है।
प्रश्न 10. फसल चक्रण या फसल चक्र क्या है?
उत्तर: किसी निश्चित भूमि पर निश्चित समय में फसलों को बदल-बदल कर इस प्रकार बोना कि भूमि की उर्वरा शक्ति बनी रहे और उपज भी अच्छी मिले, फसल चक्रण कहलाता है।
प्रश्न 11. तृतीय प्रकार के उत्तोलक के कोई दो उदाहरण लिखिए।
उत्तर: (1) चिमटा (2) चाकू (3) मनुष्य का हाथ
लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 12. अम्ल क्या है? अम्ल और क्षार की पारस्परिक क्रिया द्वारा लवण तथा पानी का बनना कौन-सी क्रिया है?
उत्तर: अम्ल (Acid): वे पदार्थ जो स्वाद में खट्टे होते हैं और जलीय विलयन में हाइड्रोजन आयन (H+) देते हैं। अम्ल कहलाते हैं। ये नीले लिटमस को लाल कर देते हैं। उदाहरण: सल्फ्यूरिक अम्ल (H2SO4), हाइड्रोक्लोरिक अम्ल (HCl)
अम्ल और क्षार की पारस्परिक क्रिया से लवण और जल बनने की क्रिया को उदासीनीकरण (Neutralization) कहते हैं।
अम्ल + क्षार लवण + जल
प्रश्न 13. “अच्छे स्वास्थ्य के लिए सन्तुलित आहार आवश्यक है।” टिप्पणी लिखिए।
उत्तर: संतुलित आहार वह आहार है जिसमें शरीर की आवश्यकतानुसार सभी पोषक तत्व (कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, वसा, विटामिन, खनिज लवण और जल) उचित मात्रा में मौजूद हों। संतुलित आहार अच्छे स्वास्थ्य के लिए यह आवश्यक है, क्योंकि-
- यह शरीर को कार्य करने के लिए ऊर्जा प्रदान करता है।
- शरीर की वृद्धि और टूटे-फूटे ऊतकों की मरम्मत करता है।
- रोगों से लड़ने की क्षमता (प्रतिरोधक क्षमता) बढ़ाता है।
- कुपोषण और उससे होने वाले रोगों से बचाता है।
प्रश्न 14. उदाहरण देते हुए स्पष्ट करें कि एक ही परिवर्तन विभिन्न परिस्थितियों में अनुकूल तथा प्रतिकूल हो सकता है?
उत्तर: हाँ, एक ही परिवर्तन परिस्थिति के अनुसार लाभदायक या हानिकारक हो सकता है।
उदाहरण: वर्षा का होना।
अनुकूल: फसल के लिए समय पर और उचित मात्रा में वर्षा होना लाभदायक है।
प्रतिकूल: यदि फसल पक कर तैयार हो, तो वही वर्षा फसल को नष्ट कर देती है, जो हानिकारक है।
दूसरा उदाहरण: जीवाणु द्वारा अपघटन (सफाई के लिए अच्छा) लेकिन भोजन का सड़ना (हानिकारक)।
प्रश्न 15. दैनिक जीवन में घर्षण बल का क्या महत्व है? उदाहरण देते हुए समझाइए।
उत्तर: घर्षण बल हमारे दैनिक जीवन में बहुत महत्वपूर्ण है, इसके महत्व को हम निम्न उदाहरणों के माध्यम से समझ सकते हैं-
- चलना: जमीन और पैरों के बीच घर्षण के कारण ही हम बिना फिसले चल पाते हैं।
- लिखना: कागज और पेन के बीच घर्षण के कारण ही लिखना संभव है।
- आग जलाना: माचिस की तीली और सतह के बीच घर्षण से आग जलती है।
- वाहन रोकना: ब्रेक लगाने पर घर्षण के कारण ही गाड़ियाँ रुकती हैं।
- वस्तुओं को पकड़ना: घर्षण के कारण ही हम अपने हाथों से किसी भी वस्तु (जैसे गिलास, औजार) को पकड़ पाते हैं। यदि हमारे हाथ चिकने होते, तो वस्तुएँ फिसल जातीं।
प्रश्न 16. एक प्रारूपी पुष्प का चित्र बनाकर उसके अंगों के नाम लिखिए।
उत्तर:
मुख्य अंग:
- बाह्यदल पुंज (Calyx): हरे रंग की बाहरी पत्तियाँ।
- दल पुंज (Corolla): रंगीन पंखुड़ियाँ।
- पुमंग (Androecium): नर जनन अंग
(पुंकेसर, परागकोश)।
- जायांग (Gynoecium): मादा जनन अंग
(अंडाशय, वर्तिका, वर्तिकाग्र)।

प्रश्न 17. जड़ों के मुख्य कार्य क्या है? मक्का, प्याज, सरसों तथा बैंगन में पायी जाने वाली जड़ों के नाम बताइए।
उत्तर: जड़ों के कार्य: पौधे को मिट्टी में स्थिर रखना, मिट्टी से जल और खनिज लवणों का अवशोषण करना।
जड़ों के प्रकार:
- मक्का: अपस्थानिक/झकड़ा जड़ें (Adventitious/Fibrous roots)
- प्याज: अपस्थानिक/झकड़ा जड़ें (Adventitious/Fibrous roots)
- सरसों: मूसला जड़ (Tap root)
- बैंगन: मूसला जड़ (Tap root)
प्रश्न 18. धारावाही परिनालिका से क्या अभिप्राय है? सचित्र वर्णन कीजिए।
उत्तर: यदि किसी कुचालक बेलनाकार नलिका (जैसे गत्ते की नली) पर तांबे के विद्युतरोधी तारों को पास-पास लपेटकर कुंडली बनाई जाए, तो इसे परिनालिका (Solenoid) कहते हैं। जब इसमें विद्युत धारा प्रवाहित की जाती है, तो यह एक छड़ चुंबक की तरह व्यवहार करती है। इसके भीतर चुंबकीय क्षेत्र रेखाएं समांतर होती हैं।






