DElEd 2nd Semester Science : Chapter-4 : सरल मशीनें

नमस्कार प्रशिक्षुओं!

D.El.Ed द्वितीय सेमेस्टर की विज्ञान की परीक्षा में ‘सरल मशीनें’ (Simple Machines) एक ऐसा अध्याय है, जिससे हर साल न केवल बहुविकल्पीय बल्कि अति-लघु और लघु उत्तरीय प्रश्न भी पूछे जाते हैं। अक्सर छात्र मशीनों की कार्यप्रणाली और उनके प्रकारों (जैसे उत्तोलक, घिरनी, झुका तल) को लेकर उलझन में रहते हैं।

आपकी इसी समस्या को हल करने के लिए BTC Wale Bhaiya के इस विशेष लेख में हम ‘सरल मशीनें’ चैप्टर की पूरी थ्योरी को बेहद सरल और सटीक भाषा में समझेंगे।

इस पोस्ट की मुख्य विशेषताएँ:

  • आसान व्याख्या: जटिल वैज्ञानिक सिद्धांतों को रोजमर्रा के उदाहरणों के साथ समझाया गया है।

  • पिछले 10 वर्षों के प्रश्न (2015-2025): इस अध्याय से पिछले एक दशक में पूछे गए सभी PYQs का संकलन, ताकि आपको परीक्षा के पैटर्न का सटीक अंदाजा हो सके।

  • महत्वपूर्ण टिप्स: परीक्षा में उत्तर कैसे लिखें कि पूरे अंक मिलें।

अगर आप भी अपनी विज्ञान की तैयारी को शत-प्रतिशत पक्का करना चाहते हैं, तो इस पोस्ट को अंत तक जरूर पढ़ें। चलिए, आपकी सफलता की राह को थोड़ा और ‘सरल’ बनाते हैं!

1. सरल मशीन (Simple Machine) क्या है?

सरल मशीन वह साधन है जिसकी सहायता से किसी कार्य को कम बल लगाकर, कम समय में और आसानी से पूरा किया जा सकता है। यह ऊर्जा के रूप को बदल देती है या बल की दिशा बदलकर काम आसान बनाती है।

सरल मशीनों के मुख्य प्रकार (6 प्रकार):

  1. उत्तोलक (Lever)
  2. पेंच (Screw)
  3. झुका तल (Inclined Plane)
  4. घिरनी (Pulley)
  5. पहिया और धुरी (Wheel and Axle)
  6. पच्चर (Wedge)

2. उत्तोलक (Lever)

उत्तोलक एक सीधी या टेढ़ी छड़ होती है जो एक निश्चित बिंदु के चारों ओर स्वतंत्र रूप से घूम सकती है।

उत्तोलक के तीन मुख्य बिंदु:

  • आलम्ब (Fulcrum – F): वह निश्चित बिंदु जिसके चारों ओर छड़ घूमती है।
  • आयास या प्रयास (Effort – E): उत्तोलक को चलाने के लिए लगाया गया बल।
  • भार (Load – L): वह वस्तु जिसे उठाना या काटना हो।

3. उत्तोलक का वर्गीकरण (Classes of Lever)

परीक्षा में सबसे ज्यादा प्रश्न यहीं से पूछे जाते हैं। इसे याद रखने की एक ट्रिक है: F-L-E (जो बीच में है, वही वर्ग निर्धारित करता है)।

(i) प्रथम वर्ग के उत्तोलक (Class I Lever)

इसमें आलम्ब (F), भार (L) और आयास (E) के बीच में होता है।

  • विशेषता: भार और आयास विपरीत दिशाओं में होते हैं।
  • उदाहरण: कैंची, तराजू, हैण्डपम्प, प्लास (Pliers), कील उखाड़ने वाली हथौड़ी, सी-सॉ झूला।

(ii) द्वितीय वर्ग के उत्तोलक (Class II Lever)

इसमें भार (L), आलम्ब (F) और आयास (E) के बीच में होता है।

  • विशेषता: इसमें कम बल लगाकर अधिक भार उठाया जा सकता है।
  • उदाहरण: सरौता, कूड़ा ढोने वाली एक पहिये की ठेलागाड़ी (टॉली), नींबू निचोड़ने की मशीन, बोतल खोलने वाला यंत्र (ओपनर)।

(iii) तृतीय वर्ग के उत्तोलक (Class III Lever)

इसमें आयास (E), आलम्ब (F) और भार (L) के बीच में होता है।

  • विशेषता: इसमें वस्तु को पकड़ने या गति देने में आसानी होती है।
  • उदाहरण: चिमटा, चाकू, मनुष्य का हाथ, किसान का फावड़ा, मछली पकड़ने वाली छड़।

4. घर्षण बल (Friction Force)

जब दो वस्तुएं एक-दूसरे के संपर्क में आती हैं और गति करती हैं, तो उनके बीच एक विरोधी बल कार्य करता है जिसे घर्षण बल कहते हैं।

दैनिक जीवन में घर्षण का महत्व:

  1. चलना: पैरों और जमीन के बीच घर्षण होने के कारण ही हम बिना फिसले चल पाते हैं। चिकनी सतह या बर्फ पर घर्षण कम होने से हम फिसल जाते हैं।
  2. लिखना: पेन की नोक और कागज के बीच घर्षण के कारण ही लिखना संभव है।
  3. वाहन रोकना: ब्रेक लगाने पर टायर और सड़क के बीच घर्षण बल ही गाड़ी को रोकता है।
  4. आग जलाना: माचिस की तीली को रगड़ने पर घर्षण से ऊष्मा उत्पन्न होती है जिससे आग जलती है।
  5. वस्तुओं को पकड़ना: घर्षण के कारण ही हाथ से गिलास या औजार पकड़ना संभव होता है।

घर्षण कम करने के उपाय:

  1. सतह पर पॉलिश करके।
  2. तेल, ग्रीस या लुब्रिकेंट (स्नेहक) का उपयोग करके।
  3. बॉल-बेयरिंग का उपयोग करके (सर्पी घर्षण को लोटनिक घर्षण में बदलकर)।

5. कुछ अन्य महत्वपूर्ण बिंदु

परीक्षा की तैयारी को और मजबूत करने के लिए ये बिंदु अवश्य याद रखें:

  • यांत्रिक लाभ (Mechanical Advantage – M.A.): किसी मशीन द्वारा उठाए गए भार (L) और उस पर लगाए गए प्रयास (E) के अनुपात को यांत्रिक लाभ कहते हैं।
    • सूत्र: यांत्रिक लाभ (A.) = भार (L) / प्रयास (E)
  • मशीन की दक्षता (Efficiency): किसी मशीन द्वारा किए गए उपयोगी कार्य (Output) और उसे दी गई ऊर्जा (Input) के अनुपात को दक्षता कहते हैं। कोई भी मशीन 100% दक्ष नहीं होती क्योंकि कुछ ऊर्जा घर्षण के कारण ऊष्मा में बदल जाती है।

सरल मशीनें : PYQ 2015-2025

वस्तुनिष्ठ प्रश्न

प्रश्न 1. द्वितीय प्रकार के उत्तोलक का उदाहरण है- 02/2015

(A) बोतल खोलने वाला यंत्र

(B) पंजेदार हथौड़ी

(C) कैंची

(D) ब्रेड काटने का चाकू

प्रश्न 2. सरौता में आलम्ब होता है- 04/2016

(A) किनारे पर

(B) बीच में

(C) किनारे तथा बीच के मध्य

(D) उपर्युक्त में से कोई नहीं      

प्रश्न 3. वह उत्तोलक, जिसमें आलम्ब एवं आयाम के मध्य भार है-05/2017

(A) हैण्डपम्प

(B) ट्रॉली

(C) चाकू

(D) फावड़ा         

प्रश्न 4. द्वितीय श्रेणी का उत्तोलक है- 04/2018

(A) कैंची

(B) हैण्डपम्प

(C) सरौंता

(D) चिमटा             

प्रश्न 5. तृतीय श्रेणी के उत्तोलक का उदाहरण है- 02/2019

(A) सरौंता

(B) कैंची

(C) बोझ (कूड़ा) उठाने वाली गाड़ी

(D) चिमटा                                

प्रश्न 6. प्लास किस वर्ग का उत्तोलक है- 02/2025

(A) तृतीय वर्ग

(B) द्वितीय वर्ग

(C) प्रथम वर्ग

(D) उत्तोलक नहीं है             

अति लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 7. तृतीय प्रकार के उत्तोलक के कोई दो उदाहरण लिखिए। 11/2016

उत्तर:    (1) चिमटा    (2) चाकू    (3) मनुष्य का हाथ

प्रश्न 8. प्रथम वर्ग के उत्तोलक को उदाहरण सहित परिभाषित कीजिए। 07/2020

उत्तर:   वह उत्तोलक जिसमें आलंब (F), आयास (E) और भार (L) के बीच स्थित होता है। उसे प्रथम वर्ग का उत्तोलक कहते हैं।

DElEd 2nd Semester Science : Chapter-4 : सरल मशीनें

उदाहरण: कैंची, तराजू, हैण्डपम्प, कील उखाड़ने वाली हथौड़ी।

प्रश्न 9. सरल मशीनें कितने प्रकार की होती हैं? लिखिए। 11/2016 (ii), 09/2025

उत्तर:   सरल मशीनें मुख्य रूप से 6 प्रकार की होती हैं:

  1. उत्तोलक (Lever)

  2. पेंच (Screw)

  3. झुका तल (Inclined Plane)

  4. घिरनी (Pulley)

  5. पहिया और धुरी (Wheel and Axle)

  6. पच्चर (Wedge)

लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 10. दैनिक जीवन में घर्षण बल का क्या महत्व है? उदाहरण देते हुए समझाइए। 15/2016

उत्तर: घर्षण बल हमारे दैनिक जीवन में बहुत महत्वपूर्ण है, इसके महत्व को हम निम्न उदाहरणों के माध्यम से समझ सकते हैं-

  1. चलना: जमीन और पैरों के बीच घर्षण के कारण ही हम बिना फिसले चल पाते हैं।

  2. लिखना: कागज और पेन के बीच घर्षण के कारण ही लिखना संभव है।

  3. आग जलाना: माचिस की तीली और सतह के बीच घर्षण से आग जलती है।

  4. वाहन रोकना: ब्रेक लगाने पर घर्षण के कारण ही गाड़ियाँ रुकती हैं।

  5. वस्तुओं को पकड़ना: घर्षण के कारण ही हम अपने हाथों से किसी भी वस्तु (जैसे गिलास, औजार) को पकड़ पाते हैं। यदि हमारे हाथ चिकने होते, तो वस्तुएँ फिसल जातीं।

प्रश्न 11. उत्तोलक क्या है? इसके प्रकार उदाहरण सहित समझाइए। 16/2020

उत्तर: उत्तोलक एक सरल मशीन है जो एक निश्चित बिंदु (आलम्ब) के चारों ओर घूम सकती है। इसके द्वारा कम प्रयास लगाकर भारी वस्तु को उठाया या स्थानांतरित किया जाता है। उत्तोलक तीन प्रकार के होते हैं:

  1. प्रथम वर्ग के उत्तोलक : इसमें आलम्ब (F) बीच में होता है। जिसके एक ओर भार (L) और दूसरी ओर प्रयास (E) लगता है।

    उदाहरण: कैंची, सी-सॉ झूला, प्लास, हथौड़ी से कील निकालना।

  2. द्वितीय वर्ग के उत्तोलक: इसमें भार (L) बीच में होता है। एक ओर प्रयास (E) और दूसरी ओर आलम्ब (F) होता है।

उदाहरण: सरौता, नींबू निचोड़ने की मशीन, एक पहिये वाली ठेलागाड़ी।

  1. तृतीय वर्ग: इस वर्ग में, आयास (E), आलंब (F) और भार (L) के बीच स्थित होता है।

उदाहरण: चिमटा, चाकू, मनुष्य का हाथ

2nd Semester Science Notes

किसी भी Chapter का नोट्स पढ़ने के लिए यहाँ Click करें- 

  1. पृथ्वी और आकाश
  2. मृदा तथा फसलें
  3. कार्य एवं ऊर्जा
  4. सरल मशीनें
  5. जीवों की संरचना
  6. जीवन की क्रियाएं
  7. मानव शरीर के अंग एवं कार्य
  8. भोजन, स्वास्थ्य एवं रोग
  9. तत्वों का वर्गीकरण
  10. पास-पड़ोस में होने वाले परिवर्तन
  11. अम्ल, क्षारक तथा लवण
  12. पर्यावरण प्रदूषण
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